|
|
|
|
|
|
|---|---|---|---|---|
| 91201 | सिक्री | ना. | धातुका मुन्द्राहरू एकअर्कामा जेल्दै बनाइएको साङ्लो, जन्जिर। | |
| 91202 | सिक्री | ना. | २. सुन वा चाँदीका मसिना मुन्द्री जोडेर बनाइएको, शिरमा, निधारका दुईतिर वा गलामा लाउने मालाजस्तो गहना। | |
| 91203 | सिक्रीटाँका | ना. | सिलाइमा सिक्रीजस्तो आकारको बनाएर दिइने टाँका। | |
| 91204 | सिक्रे | वि. | सिक्रो मात्रै भएको। | |
| 91205 | सिक्रेइलो | वि. | धेरै सिक्रा र थोरै पात भएको। | |
| 91206 | सिक्रो | वि. | पात, फूल आदि झरिसकेको (बोट वा लहरा )। | |
| 91207 | सिक्रो | वि. | २. ताप्के आदि माल झुन्ड्याउन रिङजस्तो चक्कालाई तीनतिरबाट तीनवटा डोरीले बाँधेर दलिनतिर राखिने एक किसिमको उझिन्डो; सिक। | |
| 91208 | सिक्लाइ | वि. | सिक्ने भाव, क्रिया वा प्रक्रिया, सिकाइ। | |
| 91209 | सिख | ना. | गुरु नानका अनुयायी। | |
| 91210 | सिख | ना. | २. हे. सिक्ख। | |
| 91211 | सिखर्नी | ना. | हे. सिकर्नी। | |
| 91212 | सिखल | ना. | धान चुट्ने खलाको वरिपरि लगाइने नलको वा परालको घेरो। | |
| 91213 | सिगरेट | ना. | चुरोट। | |
| 91214 | सिगसिगाइ | ना. | सिकसिकाइ। | |
| 91215 | सिगसिगाइनु | अ.क्रि. | सिकसिकाइनु। | |
| 91216 | सिगसिगाउनु | अ.क्रि. | सिगसिगो मान्नु; सिकसिकाउनु। | |
| 91217 | सिगसिगो | वि. | हे. सिकसिको। | |
| 91218 | सिगार | ना. | सुर्तीको पातमात्र पत्रैपत्र गरी बेरेर बनाइएको एक प्रकारको ठुलो चुरोट। | |
| 91219 | सिङ | ना. | प्रायः खुर भएका र मासु नखाने पशुहरूका टाउकामा उम्रेको, आत्मरक्षाका लागि हतियारको काम दिने हाडको सोठो; शृङ्ग; विषाण, सिँग। | |
| 91220 | सिङजुरो | ना. | पूर्ण यौवनको चिनु, उमेर पुगेपछि बल, बुद्धि आउने स्थिति। | |
| 91221 | सिङजुरो | ना. | २. जर्कटो हुने चाल। | |
| 91222 | सिङजोरी | ना. | टाउको जुधाएर खेलिने केटाकेटीको एक खेल। | |
| 91223 | सिङ न पुच्छर | ना. | फेद न टुप्पो। | |
| 91224 | सिङ न पुच्छर | ना. | २. केही काम नलाग्ने अर्थ दिने व्यञ्जना। | |
| 91225 | सिङपासे | ना. | दुहुँदा पुच्छर गाईबस्तुको सिङमा र खुट्टामा अल्झाउने डोरी। | |
| 91226 | सिङपासो | ना. | सिङ जस्तै आँकुसे परेको पासो वा बन्धन। | |
| 91227 | सिङपासो | ना. | २. सिङको पासो। | |
| 91228 | सिङपुच्छर | ना. | सिङ र पुच्छर, छेउ र टुप्पो उठान र बैठान। | |
| 91229 | सिङार | ना. | सिँगार। | |
| 91230 | सिङार पटार | ना. | सिँगारपटार। | |
| 91231 | सिङाराइ | ना. | सिङार्ने भाव वा क्रिया। | |
| 91232 | सिङारु | ना. | सिँगारु। | |
| 91233 | सिङारिनु | अ.क्रि. | सिँगारिनु। | |
| 91234 | सिङारे | वि. | सिँगारे। | |
| 91235 | सिङ्गमरमर / सिङ्गमर्मर | ना. | सङ्गमरमर। | |
| 91236 | सिङ्गी | ना. | सासले तानेर शरीरको कुनै अङ्गमा भएको वात वा रक्तविकार हटाउने सिङ वा त्यस्तै आकारको कुनै ढुङ्ग्रो। | |
| 91237 | सिङ्गुलै | क्रि.वि. | खास आफै स्वयम्। | |
| 91238 | सिङ्गुलै | क्रि.वि. | २. सिङ्गो नै सिङ्गै। | |
| 91239 | सिङ्गे माछो | ना. | जिउमा कत्ला हुने रातोरातो माछो। | |
| 91240 | सिङ्गो | वि. | शिरपुछार सबै भएको, पूरै अङ्ग भएको सग्लो। | |
| 91241 | सिङ्गो | वि. | २. एक मात्र केवल एक। | |
| 91242 | सिङ्गो | वि. | ३. नफोरेको; नखोटिएको अखण्डि। | |
| 91243 | सिङ्घसन | ना. | प्रायः हरियो रङको एक प्रकारको बहुमूल्य पत्थर। | |
| 91244 | सिङ्घा | ना. | बिहा, व्रतबन्ध आदि उत्सवहरूमा विशेषतः थारूसमाजमा प्रचलित, फुकेर बजाइने नरसिङ्गाका आकारको सानो बाजा। | |
| 91245 | सिङडा | ना. | हे. सिँगडा। | |
| 91246 | सिङान | ना. | हे. सिँगान। | |
| 91247 | सिङाने | वि. | सिँगाने। | |
| 91248 | सिङार्नु | स.क्रि. | हे. सिँगार्नु। | |
| 91249 | सिङौरी | ना. | हे. सिँगौरी। | |
| 91250 | सिङौरो | ना. | हे. सिँगौरो। |