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| 61001 | फस्टाइ | ना. | फस्टाउने क्रिया वा प्रक्रिया। |
| 61002 | फस्टाइनु | अ.क्रि. | पुष्ट होइन; हलक्क बढिनु। |
| 61003 | फस्टाइलो | वि. | फस्टने खालको; फस्टने। |
| 61004 | फस्टाउनु | अ.क्रि. | १. पुष्ट वा पोटिलो हुन्; मोटाउनु; हलक्क बढ्नु। |
| 61005 | फस्टाउनु | अ.क्रि. | २. विकसित हुनु; मौलाउनु; झाङ्गिनु। |
| 61006 | फस्टिनु | अ.क्रि. | १. फस्टनु। |
| 61007 | फस्टिनु | अ.क्रि. | २. फस्टने होइनु। |
| 61008 | फस्ट्याइँ | ना. | फस्टिने ढाँचा वा पन। |
| 61009 | फस्ट्याइ | ना. | फस्टिने क्रिया वा प्रक्रिया। |
| 61010 | फस्फोरस | ना. | बालीनालीमा प्रयोग गरिने एक प्रकारको रासायनिक मल। |
| 61011 | फस्याक | ना. | फस्काइको चाल। |
| 61012 | फस्याकफुसुक | क्रि.वि. | १. सानातिना वस्तुमा बन्द रहेको हावा अलि-अलि गर्दै फुस्कने गरी। |
| 61013 | फस्याकफुसुक | क्रि.वि. | २. हलुको गाँठो फुस्कने वा फस्को वस्तु खस्ने चालसँग। |
| 61014 | फस्याक्क | क्रि.वि. | कुनै फस्को वस्तु फुट्ने वा बाँधिएको वस्तु फुस्कने गरी। |
| 61015 | फस्याङफुसुङ | ना. | १. वरपरका नचाहिँदा कुरा गरेर अलमल्याउने काम। |
| 61016 | फस्याङफुसुङ | ना. | २. फकाउने वा वशमा पार्ने चाल। |
| 61017 | फस्याङफुसुङ | ना. | ३. सारहीन कामकुरो। |
| 61018 | फस्याङफुसुङ | ना. | ४. सानातिना मालमत्ता; खत्र्याकखुत्रुक। |
| 61019 | फस्याङफुसुङ | ना. | क्रि.वि. ५. कुनै काम हतारहतार गरेर सामान्य रूपले टुङ्ग्याउने गरी; कुनै कामकुरो आउने र त्यसै हराउने भएर। |
| 61020 | फस्योल | ना. | प्रशस्त; थुप्रै; फसेल। |
| 61021 | फहराइ | ना. | १. फहराउने वा नङ, काँडा आदिले कोर्ने क्रिया-प्रक्रिया। |
| 61022 | फहराइ | ना. | २. फहराउने वा फरफराउने क्रिया- प्रक्रिया। |
| 61023 | फहराइनु | क.क्रि. | १. फहराउने वा नङ, काँडा आदिले कोर्ने काम गरिनु। |
| 61024 | फहराइनु | क.क्रि. | २. फहराउने वा फरफराउने काम गरिनु। |
| 61025 | फहराउनु १ | स.क्रि. | नङ, काँडा आदिले अलि- अलि कोर्नु; चिथोर्नु; दरफऱ्याउनु। |
| 61026 | फहराउनु २ | स.क्रि. | फरफराउनु। |
| 61027 | फहराहट | ना. | फहराउने वा दरफर्याउने भाव, क्रिया वा प्रक्रिया; फहराइ। |
| 61028 | फा | ना. | फल्ने काम; मिल्काइ (बालबोलीमा)। |
| 61029 | फाँक्नु | स.क्रि. | मुखमा चिउरा, चामल, खट्टे आदिको फाँक मार्नु; फाँको हाल्नु। |
| 61030 | फाँक | ना. | १. मुखभरि हालिने चिउरा, खट्टे आदिको एक पटकको गाँस। |
| 61031 | फाँक | ना. | २. मुखमा हालिने सुर्ती वा खैनीको एक पटकको अंश। |
| 61032 | फाँकमुठी | ना. | थोरबहुत भुटे - कुटेको खाने कुरो वा गेडागुडी; माग्ने आदिलाई दिइने पसरभर वा मुठीभरको अन्न। |
| 61033 | फाँकिनु १ | अ.क्रि. | १. अरूलाई मन परे पनि नपरे पनि अघि- अघि सरेर कुरो गर्नु। |
| 61034 | फाँकिनु १ | अ.क्रि. | २. धेरै जान्नेजस्तो भएर बतुरिनु। |
| 61035 | फाँकिनु २ | क.क्रि. | खट्टे, चामल आदिको फाँको हालिन; फाँको मारिनु। |
| 61036 | फाँकी | ना. | १. लय वा छन्दको आधारमा गीत, श्लोक आदिको भाग वा खण्ड; चरण। |
| 61037 | फाँकी | ना. | २. शब्दका अगाडि वा पछाडि लागेर आउने द्वित्वशब्द (जस्तै- घरसर, कामसाम, चालमाल इ.)। |
| 61038 | फाँको | ना. | मुखभरिको गाँस; फाँक। |
| 61039 | फाँच | ना. | १. चारैतिर फैलिएको वा बढेको वस्तुको अवस्था; विस्तार; फाँज। |
| 61040 | फाँच | ना. | २. फैलिएका दई बाहाँभित्र अटाउने वस्तु वा भाँडाकुँडाका ठाउँ। |
| 61041 | फाँच | ना. | ३. पिँधको फैलावट वा विस्तार। |
| 61042 | फाँच | ना. | ४. कुनै वस्तुका बिचको वा पेटको फैलावट; फाँज। |
| 61043 | फाँच | ना. | ५. गाई, भैँसी आदिका दुध भरिएर फैलिएको कल्चौंडो। |
| 61044 | फाँच | ना. | ६. नदीको तर्न सकिने फिँजिएको जँघार। |
| 61045 | फाँच | ना. | ७. हलाको टुँडादेखि मास्तिर र टाउकादेखि मुन्तिरको भाग। |
| 61046 | फाँचे | वि. | ठुलठुला फाँचा भएको ( भैंसी आदि)। |
| 61047 | फाँचो | ना. | १. मालमत्ताको ठुलो गठरी वा पोको। |
| 61048 | फाँचो | ना. | २. रुपियाँ-पैसा आदिको ठुलो थैलो वा पोको। |
| 61049 | फाँचो | ना. | ३. धेरै वस्तु हालिएको ठुलो पोल्टो। |
| 61050 | फाँचो | ना. | ४. गाईभैँसी आदिको ठुलो कल्भैँडो। |