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| 66651 | भकुरिनु | क.क्रि. | बेसरी पिटिनु। |
| 66652 | भकुल्ले | वि. | मोटोघाटो शरीरको ; भुक्लुक्क परेको; थामरथुमर। |
| 66653 | भकुल्लो | वि. | शरीर भुक्लुक्क देखिने किसिमको; मोटोघाटो वा थामरथुमर। |
| 66654 | भक्क | क्रि.वि. | १. दुध, पानी आदि उम्लिने गरी। |
| 66655 | भक्क | क्रि.वि. | २. फुल्ने वा सुन्निने किसिमले। |
| 66656 | भक्कानिनु | अ.क्रि. | १. भक्कानो छुट्नु; मनमा गाँठो पर्नु। |
| 66657 | भक्कानिनु | अ.क्रि. | २. अप्रत्याशित घटनाले पिरोलिनु। |
| 66658 | भक्कानु/भक्कानो | ना. | १. माटो आदिको ठुलो डल्लो वा चपरी। |
| 66659 | भक्कानु/भक्कानो | ना. | २. ठुलो गानु। |
| 66660 | भक्कानु/भक्कानो | ना. | ३. ज्यादै हर्ष वा ठुलो दुःख हुँदा बोली नफुट्ने गरी मुटु वा छातीमा रोकिएको गाँठो; उँभर्को; उमर्को। |
| 66661 | भक्कार | वि. | बडेमान; बडोमा (गोरु, राँगो इ.)। |
| 66662 | भक्कासे | वि. | बेछाँटको ठुलो ; भद्दा। |
| 66663 | भक्कु १ | ना. | १. भाद्रशुक्ल पक्षमा राँगो बलि दिन भैरवी नाचमा नाच्ने गण। |
| 66664 | भक्कु १ | ना. | २. धेरै; थुप्रै (उदा.- आज उसले भक्कु खायो।)। |
| 66665 | भक्कुमारी | ना. | केटाकेटीले खेल्ने एक प्रकारको खेल। |
| 66666 | भक्कुचुर | ना. | निर्घात, भक्कुमार। |
| 66667 | भक्कु २ | वि. | १. भुक्लुक्क परेको; मोटोघाटो र मूर्ख; बोधो; नासमझ। |
| 66668 | भक्कु २ | वि. | २. डल्ले। |
| 66669 | भक्कोटे | वि.बो. | आफ्नो चङ्गाले विपक्षीको चङ्गा काट्ता खुसीमा भनिने शब्द; भचेट। |
| 66670 | भक्खर | क्रि.वि. | केही बेर मात्र पहिले; भर्खर; अहिले। |
| 66671 | भक्खरको | वि. | १. थोरै बेर मात्र भएको; ताजा। |
| 66672 | भक्खरको | वि. | २. जवानी चढेको; उमेरदार। |
| 66673 | भक्खरको | वि. | स्त्री. भक्खरकी। |
| 66674 | भक्त | वि. | १. श्रद्धासाथ ईश्वर वा देवताको भक्ति गर्ने; भक्तालु। |
| 66675 | भक्त | वि. | २. पूज्य वा ठुला व्यक्तिमा श्रद्धा राख्ने। |
| 66676 | भक्त | वि. | २. धार्मिक कार्यमा आस्था भएको; श्रद्धालु। |
| 66677 | भक्त | वि. | ३. भाग वा अंश लगाइएको; विभक्। |
| 66678 | भक्त | वि. | ना. ४. सेवक; उपासक। |
| 66679 | भक्त | वि. | ५. भात; भोजन। |
| 66680 | भक्तपुर | ना. | काठमाडौंदेखि तीन कोस पूर्वमा रहेको प्रसिद्ध नगर; उपत्यकाका प्रसिद्ध तीन सहरमध्ये एक; भादगाउँको वर्तमान नाम। |
| 66681 | भक्तपुरे | वि. | १. भक्तपुरसम्बन्धी; भक्तपुरको। |
| 66682 | भक्तपुरे | वि. | २. भक्तपुरको बासिन्दा। |
| 66683 | भक्तवत्सल | वि. | आफ्ना श्रद्धालु भक्तहरूप्रति दया गर्ने। |
| 66684 | भक्तालु | वि. | भक्तिभावनामा लागेको; श्रद्धालु; भक्। |
| 66685 | भक्ति | ना. | १. ईश्वर वा देवी - देवताप्रति हुने निष्ठा, आस्था वा पूजाको भावना। |
| 66686 | भक्ति | ना. | २. पूज्य वा मान्यजनप्रति हुने आदरभाव वा श्रद्धा। |
| 66687 | भक्ति | ना. | ३. चाकरी; सेवा; टहल ४. विश्वास; आस्था। |
| 66688 | भक्ति | ना. | ५. साहित्यमा भक्तिमार्गी विद्वान्हरूले मान्ने भक्ति स्थायी भाव हुने एक रागप्रधान रस। |
| 66689 | भक्ति थापा | ना. | वि. सं. १८७२-७३ मा मलाउँमा भएको नेपाल र अङ्ग्रेजको युद्धमा अङ्ग्रेजहरूसँग वीरतापूर्वक लड्दालड्दै वीरगति प्राप्त गर्ने एक प्रसिद्ध गोरखाली सरदार। |
| 66690 | भक्तिनी | ना. | भक्तिभावना भएकी स्त्री; भक्त स्त्री; भक्तेनी। |
| 66691 | भक्तिमान् | वि. | भक्तिभावनाले भरिएको; भक्तालु; भक्। |
| 66692 | भक्ति मार्ग | ना. | ईश्वर वा देवदेवीको भक्ति गरेर मुक्ति प्राप्त गरिने एक उपाय; गीतामा वर्णित ज्ञानमार्ग, कर्ममार्ग र भक्तिमार्गमध्ये एक। |
| 66693 | भक्तिमालो | ना. | राई - लिम्बूहरूमा प्रचलित, कात्तिक पूर्णिमादेखि औँसीसम्म पन्ध्र दिन तिहारका रूपमा मनाइने चाडमा गाउँका बुढापाकाहरूले फूल - अक्षता लिएर दियो बाली गाउने लोकगी। |
| 66694 | भक्तेनी | ना. | भक्तिनी। |
| 66695 | भक्याइ | ना. | भक्याउने भाव, क्रिया वा प्रक्रिया। |
| 66696 | भक्याइनु | क.क्रि. | ठुलठुला भकाना उप्कने गरी खनिनु। |
| 66697 | भक्याउनु | स.क्रि. | ठुलठुला भकाना उप्कने गरी खन्नु, ठेला वा चपरी उप्काउनु। |
| 66698 | भक्रन | वि. | १. महामारी जरो आदि रोगले ग्रस्त भई पसारिएको; थला परेको। |
| 66699 | भक्रन | वि. | ना. २. उठ्नै नसक्ने गरी थलिएको रोगी; ऐया आत्था गरेर कराउने मधौरु। |
| 66700 | भक्रन | वि. | क्रि.वि. ३. उठ्नै नसक्ने किसिमले बिरामी परी; बेसरी थलिएर। |