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| 17051 | कुरा चपाउनु | टु. | ड्याङ्डुङ गरेर कुरा राम्ररी नखोल्नु। |
| 17052 | कुरा चपाउनु | टु. | (उदा.- तपाईं त भएको कुरा पनि राम्ररी भन्नुहुन्न, किन कुरा चपाएको?)। |
| 17053 | कुरान | ना. | हजरत मुहम्मदका वाणीको सङ्कलन भएको, मुसलमानहरूको प्रसिद्ध धर्मग्रन्। |
| 17054 | कुरीकुरी | ना. | १. कुनै व्यक्तिप्रति समयमा गर्नुपर्ने कुरा नगर्दा पछि हुने थकथकी वा कुनै काम नगर्दा हुने लज्जाको बोध, मनलप सगसगी। |
| 17055 | कुरीकुरी | ना. | २. बालबोलीमा लज्जा, किरी (जुम्रो )। |
| 17056 | कुरिज | ना. | १. चराचुरुङ्गीका पुराना प्वाँखहरू झरेर आउने नयाँ प्वाँखहरूको उम्राइ। |
| 17057 | कुरिज | ना. | २. कुर्चा। |
| 17058 | कुरिज | ना. | ३. उत्तीर्ण नभएर धेरै वर्षसम्म एउटै कक्षामा डल्लिइरहने स्थिति। |
| 17059 | कुरिज | ना. | ४. असफलता। |
| 17060 | कुरिन | ना. | १. हँसिया, खुर्पा आदि हतियारमा धार लगाउन, सान बनाउन हुने खस्रो कालो ढुङ्गो। |
| 17061 | कुरिन | ना. | २. मैदा झैँ धुलो तुल्याई लाहासँग मिसाएर पकाई सान बनाउने काममा प्रयोगमा आउने, ठुला नदीका किनारमा कतै कतै थुप्रिएर रहने किर्कोले ढुङ्गो। |
| 17062 | कुरिनु | क.क्रि. | कुर्ने काम गरिनु। |
| 17063 | कुरिया | ना. | १. अरूको जग्गाजमिनमा घरबास गरी तिरो तिरेर बस्ने रैती; बिर्तावारको जग्गामा घर बनाएर बस्ने मोही (एक प्रकारको बाँधा)। |
| 17064 | कुरिया | ना. | वि. २. कुनै मालमत्ता, जग्गाजमिन आदि कुर्ने (व्यक्ति); कुरुवा। |
| 17065 | कुरिलो | ना. | हरिया - पहेल्छ्या मसिना पात हुने, ससानो सेतो फूल फुल्ने र रातो गोल फल फल्ने एक जातको काँडादार बोट (यो ठुलो र सानो दुई किसिमको हुन्छ। |
| 17066 | कुरिलो | ना. | यसका टुसा तरकारीका निम्ति खास गरी बिरामीलाई खुवाउनमा प्रसिद्ध छ। |
| 17067 | कुरी | ना. | १. बाँसका चोयाले बुनेको हाँस आदि हाल्ने एक किसिमको कोक्रो। |
| 17068 | कुरी | ना. | २. खेतबारीमा बनाइएको बाली कुर्ने सानो छाप्रो। |
| 17069 | कुरी | ना. | ३. किरा (बालबोलीमा); गुजी ; जुम्रो। |
| 17070 | कुरी | ना. | ४. बालकको जननेन्द्रिय; तुरी; तुतुरो। |
| 17071 | कुरीति | ना. | सामाजिक हित र वास्तविकताका विपरीत चल्ने नजाती रीति; कुप्रथा; नराम्रो र अनुचित चलन। |
| 17072 | कुरुक्क | क्रि.वि. | हल्का चालले भाँचिँदा वा साह्रो पदार्थ चपाउँदा शब्द निस्कने किसिम। |
| 17073 | कुरुक्षेत्र | ना. | १. भारतको दिल्लीनजिकै हरियाणा राज्यमा पर्ने एक प्रसिद्ध तीर्थ, प्राचीन कालमा कौरव र पाण्डवहरूका बिच युद्ध भएको भूमि। |
| 17074 | कुरुक्षेत्र | ना. | २. घमासानको लडाइँ। |
| 17075 | कुरुक्षेत्र | ना. | वि. ३. छेलोखेलो, प्रशस्त; धेरै। |
| 17076 | कुरुक्षेत्रको मेला | ना. | १. रक्तपातपूर्ण ठुलो युद्ध। |
| 17077 | कुरुक्षेत्रको मेला | ना. | २. कुरुक्षेत्रमा श्रीकृष्णले अर्जुनलाई गीताको उपदेश गरेको ठाउँको कुण्डमा प्रायः सूर्यग्रहण लागेका अवसरमा हुने मेला। |
| 17078 | कुरुर्र | क्रि.वि. | हे. कुर्र (लगातारको अर्थमा)। |
| 17079 | कुरुवा॰ | वि. | १. कुर्ने वा पखने; रुङ्ने। |
| 17080 | कुरुवा॰ | वि. | २. हेरविचार वा रखवारी गर्ने। |
| 17081 | कुरुवा॰ | वि. | ३. ढुक्ने। |
| 17082 | कुरुवा, | ना. | १. दुई माना वा बिस मुठीको नापो। |
| 17083 | कुरुवा, | ना. | २. दुई माना भरिने प्रायः पित्तले धातुको भाँडो। |
| 17084 | कुरुवा, | ना. | वि. ३. दुईमाने; बिस मुठी बराबरको। |
| 17085 | कुरूप | वि. | १. हिस्सी वा अनुहार नपरेको; नराम्रो; विरूप; अपाङ्ग। |
| 17086 | कुरूप | वि. | २. छाँट नमिलेको; बेढङ्गको। |
| 17087 | कुरूपता | ना. | कुरूप हुनाको अवस्था, कारण वा भाव। |
| 17088 | कुरूपा | वि. | रूप नभएकी, नराम्री, अपाङ्ग भएकी। |
| 17089 | कुरे | वि. | धेरै कुरा गर्ने; हे. कुरौटे। |
| 17090 | कुरेत | वि. | १. बुढी औँलो र चोर औँलो तन्काउँदाका नापोभरिको। |
| 17091 | कुरेत | वि. | ना. २. हातको बुढी औँलो र चोर औँलो तन्काएर गरिने नापो। |
| 17092 | कुरो | ना. | लुगामा बिझ्ने वा टाँसिने एक जातको घाँसको झुस। |
| 17093 | कुरो | ना. | १. कुनै विषयमा कसैलाई केही भन्ने काम; वार्ता, बोली, वचन। |
| 17094 | कुरो | ना. | २. भन्नाको तात्पर्य; भनाइ। |
| 17095 | कुरो | ना. | ३. विषय; प्रसङ्ग। |
| 17096 | कुरो | ना. | ४ चिज वस्तु। |
| 17097 | कुरोकन्यो | ना. | कुरो र कथन कुराकानी। |
| 17098 | कुरौटे | वि. | हे. कुराउटे। |
| 17099 | कुरौनी | ना. | हे. कुराउनी। |
| 17100 | कुर्की | ना. | १. सरकारी आज्ञाअनुसार कसैको सम्पत्ति लिलाम गर्ने काम। |