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| 81501 | वाक्स्वातन्त्र्य | ना. | वाक्स्वतन्त्रता। |
| 81502 | वागा | ना. | बागडोर; लगाम। |
| 81503 | वागीश | ना. | कवि। |
| 81504 | वागीश | ना. | २. ब्रह्मा। |
| 81505 | वागीश | ना. | ३. बृहस्पति। |
| 81506 | वागीश | ना. | वि. ४. राम्रो, मिठो बोल्ने। |
| 81507 | वागीश्वर | ना. | कवि। |
| 81508 | वागीश्वर | ना. | २. बृहस्पति। |
| 81509 | वागीश्वर | ना. | ३ मञ्जुघोष। |
| 81510 | वागीश्वरी | ना. | वाणीकी देवी; सरस्वती। |
| 81511 | वाग्जाल | ना. | कसैलाई अलमल्याउने वा छलछाममा पार्ने;घुमाउरो भनाइ। |
| 81512 | वाग्जाल | ना. | २. भाव साधारण भएको र बेसरी शब्द थोपरिएको लम्बे चौडे कुरा। |
| 81513 | वाग्दण्ड | ना. | कसैलाई वचनले सताउने काम हप्कीदप्की; खप्की; भर्त्सना। |
| 81514 | वाग्दण्ड | ना. | २. वचन वा बोलीको नियन्त्रण; मुख सँभालेर बोल्ने काम। |
| 81515 | वाग्दत्ता | वि. | कामकुरो छिनिएकी वा कसैसँग बिहे गर्न पक्का भइसकेकी केटी; वाग्दान गरिसकिएकी कन्या। |
| 81516 | वाग्दान | ना. | विवाहका निम्ति कसैलाई छोरी दिएँ भनी विधिपूर्वक बोल्ने काम; केटीको काम - कुरो छिन्ने काम। |
| 81517 | वाग्दान | ना. | २. वरणीमा दुलहालाई फल, द्रव्य आदिको भेटीसहित कन्या दिएको कुरा बोल्ने चलन वा विधि। |
| 81518 | वाग्दान | ना. | ३. कसैलाई कुनै वस्तु नफर्किने गरी दिने वचन। |
| 81519 | वाग्देवी | ना. | वाणीकी अधिष्ठात्री देवी सरस्वती। |
| 81520 | वाग्दोष | ना. | बोल्दा हुने त्रुटि वा बिराम; बोलीको दोष। |
| 81521 | वाग्दोष | ना. | २. वाक्यमा हुने व्याकरणसम्बन्धी भुल वा अशुद्धि। |
| 81522 | वाग्दोष | ना. | ३. तिरस्कार, निन्दा। |
| 81523 | वाग्मती | ना. | काठमाडौं उपत्यकाको पूर्वोत्तरमा पर्ने वाग्द्वारबाट निस्केर बग्ने एक प्रसिद्ध नदी। |
| 81524 | वाग्मिता / वाग्मित्व | ना. | विद्वत्ता; पाण्डित्य। |
| 81525 | वाग्मिता / वाग्मित्व | ना. | १. बोल्ने वा भाषण दिने कौशल, प्रवचनपटुता। |
| 81526 | वाग्मी | वि. | बोल्नमा वा भाषण दिनमा कुशल; प्रवचनपटु। |
| 81527 | वाग्मी | वि. | २. विद्वान्; पण्डि। |
| 81528 | वाग्मी | वि. | ३. बृहस्पति। |
| 81529 | वाग्वज्र | ना. | दुख्ने गरी लाग्ने बोली; कटुवाणी। |
| 81530 | वाग्वज्र | ना. | २. सराप्ने काम; श्राप,;सराप। |
| 81531 | वाग्वाण | ना. | बिझ्ने गरी भनिने बोली; वचनको प्रहार। |
| 81532 | वाग्विदग्ध | वि. | बोल्न वा कुरा गर्न सिपालु; वाक्पटु। |
| 81533 | वाग्विदग्ध | वि. | २. विद्वान पण्डि। |
| 81534 | वाग्विदग्धता | ना. | वाग्विदग्ध हुने स्थिति वा भाव; वाक्चातुर्य; पण्डित्याइँ। |
| 81535 | वाग्विलास | ना. | मन बहलाउका निम्ति गरिने ठट्टा-मस्करी;हँसीठट्टा। |
| 81536 | वाग्वीर | वि. | बोल्न सिपालु; वाक्पटु। |
| 81537 | वाग्वीर | वि. | २. भित्री आँट नभए पनि बाहिर कुराले हिम्मत देखाउने; फाइँफुट्टे। |
| 81538 | वाग्वैदग्ध्य | ना. | तर्कपूर्ण कुराकानी गर्ने वा भाषण दिने सिप;वाक्चातुर्य; वाग्विदग्धता। |
| 81539 | वाङ | ना. | गुल्टिने, पल्टिने वा जिल्लिने काम; विफलता; असफलता। |
| 81540 | वाङ | ना. | २. मर्ने काम; जिभ्रोटोकाइ। |
| 81541 | वाङ खानु | टु. | बिग्रनु। |
| 81542 | वाङ खानु | टु. | (उदा.- त्यसले यसपल्ट पनि जाँचमा वाङ खायो।)। |
| 81543 | वाङ्ग्रा | ना. | धान, कोदो आदिको हरियो बोट वा डाँठ; नलुवा; नल। |
| 81544 | वाङ्मधुर | वि. | भन्दा कसैलाई बिझ्ने (बोली)। |
| 81545 | वाङ्मधुर | वि. | २. मिठो बोलीवचन गर्ने; मधुरभाषी; मिष्ट भाषी। |
| 81546 | वाङ्मय | ना. | गद्य वा पद्यमा लेखिएका शास्त्र तथा काव्य दुवै प्रकारका समस्त भाषाबद्ध रचनाहरूको समूह; ग्रन्थ वि. २. शब्दहरूले युक्त वा वाणी र वचनसित सम्बन्धि। |
| 81547 | वाङ्मय | ना. | ३. वाक्यसम्बन्धी, वाक्यात्मक। |
| 81548 | वाङ्मयी | ना. | सरस्वती देवी। |
| 81549 | वाङ्लय | ना. | वाक्यको लय; प्रस्तार। |
| 81550 | वाचक | वि. | कुनै व्यक्ति वा वस्तुलाई निर्देश गर्ने वा जनाउने; वाची (जस्तै व्यक्तिवाचक, नामवाचक, सङ्ख्यावाचक आदि)। |