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| 81551 | वाचक | वि. | २. मौखिक। |
| 81552 | वाचक | वि. | ना ३. सप्ताह, पुराण आदि भन्ने मुख्य पण्डि। |
| 81553 | वाचक | वि. | ४. बाच्ने वा भन्ने व्यक्ति; पाठक। |
| 81554 | वाचक | वि. | ५. पाठ गर्ने वा बाच्ने शैली; वाचनशक्ति। |
| 81555 | वाचकधर्म लुप्तोपमा | ना. | वाचक पद र साधारण धर्म लुप्त हुने उपमा अलङ्कारको एक भेद। |
| 81556 | वाचक लुप्तोपमा | ना. | वाचक पद लुप्त हुने उपमा अलङ्कारको एक भेद। |
| 81557 | वाचकी | वि. | वाचन गर्ने। |
| 81558 | वाचकी | वि. | २. पुराणका मुख्य पण्डि। |
| 81559 | वाचकोपमान लुप्तोपमा | ना. | वाचक र उपमान लुप्त हुने उपमा; अलङ्कारको एक भेद। |
| 81560 | वाचन | ना. | बाच्ने; पाठ गर्ने वा पढेर सुनाउने काम; कथन। |
| 81561 | वाचन | ना. | २. विधायिका सभा; बैठक आदिमा कुनै विधेयक प्रस्ताव आदि उपस्थित गर्दा हुने आवृत्ति वा पाठ। |
| 81562 | वाचन कक्ष | ना. | वाचन गर्ने ठाउँ वा कोठो, वाचनालय। |
| 81563 | वाचनालय | ना. | जनसाधारणले पत्रपत्रिका आदि पढ्ने वा हेर्ने ठाउँ। |
| 81564 | वाचनिक | वि. | वचनसित सम्बन्ध भएको; वचनको। |
| 81565 | वाचनिक | वि. | २. शब्दमा अभिव्यक्त; मौखिक। |
| 81566 | वाचयिता | वि. | पाठ गर्ने; बाच्ने; वाचक। |
| 81567 | वाचस्पति | ना. | वाणीका स्वामी। |
| 81568 | वाचस्पति | ना. | २. राम्ररी बोल्न सक्ने व्यक्ति; सुवक्ता। |
| 81569 | वाचस्पति | ना. | ३. देवताका गुरु बृहस्पति। |
| 81570 | वाचस्पति | ना. | ४. ब्रह्मा। |
| 81571 | वाचा | ना. | प्रायः सबैले सुन्ने गरी गरिने प्रतिज्ञा; कबुल;किरिया। |
| 81572 | वाचा | ना. | २. वचन;बोली; वाणी। |
| 81573 | वाचा | ना. | ३. धार्मिक ग्रन्थहरूको पाठ; सूत्र। |
| 81574 | वाचा | ना. | ४. शब्द; ध्वनि। |
| 81575 | वाचापत्र | ना. | प्रतिज्ञापत्र; कबुलियतनामा। |
| 81576 | वाचाबद्ध | वि. | वाचा वा कबुलमा बाँधिएको; वचनबद्ध। |
| 81577 | वाचाबन्धन | ना. | वाचा वा प्रतिज्ञामा बाँध्ने काम; वचनबद्ध गराउने काम। |
| 81578 | वाचाल | वि. | बोल्नमा सिपालु; चतुरो; वाक्पटु। |
| 81579 | वाचाल | वि. | २. धेरै बोल्ने; बकबके। |
| 81580 | वाचिक | वि. | मुखबाट प्रकट गरिने; मौखिक; बकितम्। |
| 81581 | वाचिक | वि. | २. वाचासम्बन्धी; वचनको। |
| 81582 | वाचिक | वि. | ना ३. वाणीका माध्यमले अभिप्राय प्रकट गरिने एक अभिनय। |
| 81583 | वाचिक | वि. | ४. मौखिक समाचार। |
| 81584 | वाची | वि. | व्यक्त गर्ने वा बुझाउने बोधक; वाचक (जस्तै- नामवाची, विशेषणवाची, सङ्ख्यावाची इ.)। |
| 81585 | वाच्य | ना. | वाक्यमा कर्ता; कर्म र भावको काम बुझाउने वा कुनै एउटासँग सम्बन्ध राख्ने क्रियापद। |
| 81586 | वाच्य | ना. | (जस्तै- कर्तृवाच्यः म किताब पढ्छु, कर्मवाच्य (मद्वारा ) भात खाइयो, भाववाच्यः (हामी) आइनेछ इ.)। |
| 81587 | वाच्य | ना. | २. अभिधाद्वारा व्यक्त हुने अर्। |
| 81588 | वाच्य | ना. | ३. तिरस्कार, निन्दा वि. ४. भन्न वा कहन योग्य। |
| 81589 | वाच्य | ना. | ५. शब्द वा अभिधाद्वारा बोध हुने; अभिधेय (अर्थ)। |
| 81590 | वाच्याघात | ना. | बोल्दाखेरि उच्चारण अवयवमा लाग्ने ठक्कर। |
| 81591 | वाच्यार्य | ना. | कारक र क्रियाको सिधा सम्बन्ध रहने; शब्दको नियत वा निश्चित अर्थ अभिधेयार्। |
| 81592 | वाजखाम | ना. | कुनै कुराका निम्ति धैर्य गरेर बस्ने वा पखने काम; खामोस। |
| 81593 | वाजखाम | ना. | २. अवकाश; अवधि; म्याद। |
| 81594 | वाजखाम | ना. | ३. लख काट्ने काम; अन्दाज; अड्कल। |
| 81595 | वाजपेय | ना. | समाजमा उच्चतम स्थानको प्राप्तिका लागि गरिने सात श्रौत यज्ञमध्ये पाँचौं यज्ञ। |
| 81596 | वाजबी | वि. | न्यायसङ्गत; सुहाउँदो; मुनासिब; उचि। |
| 81597 | वाजबी | वि. | २. लायक; योग्य। |
| 81598 | वाजसनेय | ना. | शुक्लयजुर्वेदको एक शाखा। |
| 81599 | वाजसनेयी | वि. | वाजसनेय शाखाको अनुयायी। |
| 81600 | वाजसनेयी | वि. | २. शुक्ल यजुर्वेदका प्रवर्तक तथा प्रणेता याज्ञवल्क्य मुनि। |