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| 91351 | सिद्धासन | ना. | योगसाधना गर्दा गरिने एक आसन, चौरासी आसनमध्ये एक। |
| 91352 | सिद्धासन | ना. | २. वीतराग सिद्धहरू बस्ने थलो, सिद्धपीठ। |
| 91353 | सिद्धिनु | अ.क्रि. | थालेको कामकुरो पूरा हुनु सकिनु; समाप्त हुनु। |
| 91354 | सिद्धिनु | अ.क्रि. | २. केही पनि बाँकी नरहनु, खाली हुनु, रित्तिनु, सकिनु। |
| 91355 | सिद्धिनु | अ.क्रि. | ३. टुङ्गो लाग्नु, तय हुनु। |
| 91356 | सिद्धिनु | अ.क्रि. | ४. बिग्रनु, नाश हुनु। |
| 91357 | सिद्धिनु | अ.क्रि. | ५. प्राण जानु मर्नु। |
| 91358 | सिद्धि | ना. | योग वा तपस्याद्वारा प्राप्त हुने अलौकिक शक्ति। |
| 91359 | सिद्धि | ना. | २. योगसाधनाद्वारा प्राप्त गरिने आठ प्रकारका सिद्धि (अणिमा, महिमा, गरिमा, लधिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व र वशित्व )। |
| 91360 | सिद्धि | ना. | ३. मुक्ति, निर्वाण। |
| 91361 | सिद्धि | ना. | ४ आँटेको काम पूरा भएको स्थिति सफलता। |
| 91362 | सिद्धि | ना. | ५. थालेको यज्ञ, दान, अनुष्ठान आदिको निर्विघ्न समाप्ति, कार्यपूर्णता। |
| 91363 | सिद्धि | ना. | ६. निपुणता, सिपालुपन। |
| 91364 | सिद्धि | ना. | ७. गणेशका दुई पत्नी ऋद्धि र सिद्धिमध्ये कान्छीचाहिँ। |
| 91365 | सिद्धिदाता | वि. | सिद्धि दिने काम पूरा गरिदिने। |
| 91366 | सिद्धिदाता | वि. | ना. २. गणेश। |
| 91367 | सिद्धिनरसिंह | ना. | पाटनको प्रसिद्ध कृष्णमन्दिर र राजप्रासादहरूको निर्माण गर्ने, ललितपुरराज्यका मध्यकालीन मल्लवंशीय एक राजा। |
| 91368 | सिद्धि विनायक | ना. | गणेशको पुराणप्रसिद्ध नाम। |
| 91369 | सिद्ध्याइँ | ना. | सिद्ध वा महात्माको भाव वा गुण सिद्धको कार्य। |
| 91370 | सिद्ध्याइ | ना. | सिद्ध्याउने भाव, क्रिया वा प्रक्रिया। |
| 91371 | सिध्याइनु | क.क्रि. | समाप्त गरिनु। |
| 91372 | सिद्ध्याउनु | स.क्रि. /प्रे. क्रि. | समाप्त गर्नु। |
| 91373 | सिद्ध्याउनु | स.क्रि. /प्रे. क्रि. | २. टुङ्ग्याउनु। |
| 91374 | सिद्ध्याउनु | स.क्रि. /प्रे. क्रि. | ३. पूरा गर्नु सफल पार्नु। |
| 91375 | सिद्ध्याउनु | स.क्रि. /प्रे. क्रि. | ४. नाश गर्नु बिगार्नु। |
| 91376 | सिद्ध्याउनु | स.क्रि. /प्रे. क्रि. | ५. मार्नु। |
| 91377 | सिद्ध्याउनु | स.क्रि. /प्रे. क्रि. | ६. हराउनु। |
| 91378 | सिद्ध्याउनु | स.क्रि. /प्रे. क्रि. | ७. खाली पार्नु रित्त्याउनु। |
| 91379 | सिद्रो | सिन्की झैँ खाँदेर बनाइएको सानो माछा, सिध्रो। | |
| 91380 | सिधा | ना. | विशेष पर्वमा ब्राह्मणलाई दान दिइने दाल, चामल आदि काँचो अन्न। |
| 91381 | सिधा | ना. | २. नपकाएको अन्न। |
| 91382 | सिधा | वि. | कपटको भाव वा कुटिलता नभएको; सरल प्रकृतिको। |
| 91383 | सिधा | वि. | २ सरलशान्त स्वभावको, साधु। |
| 91384 | सिधा | वि. | ३. सोझो ४. नबाङ्गिई सोझै माथितिर उभिएको सोझो गरी ठडिएको। |
| 91385 | सिधा | वि. | ना. यो. ५. अगाडि सामुन्ने। |
| 91386 | सिधार्नु | अ.क्रि. | काम सिद्ध गरेर जानु, हिँड्नु। |
| 91387 | सिधार्नु | अ.क्रि. | २. प्राण जानु, मर्नु। |
| 91388 | सिधाराइ | ना. | सिधार्ने भाव, क्रिया वा प्रक्रिया। |
| 91389 | सिधारिनु | अ.क्रि. | हिँडिनु। |
| 91390 | सिधासादा / साधा | वि. | सरल मिजासको शान्त प्रकृतिको। |
| 91391 | सिधासादा / साधा | वि. | २. सिधा र सादा। |
| 91392 | सिधिया | ना. | सानोतिनो धोक्रो; थैलो। |
| 91393 | सिध्रो | ना. | हे. सिद्रो। |
| 91394 | सिनाबिना | ना. | सानातिना केटाकेटी; भुराभुरी, ठिनामिना। |
| 91395 | सिनाल | ना. | गर्धनमा र पुट्ठामा लामालामा रौं हुने एक जातको लेकाली बाख्रो। |
| 91396 | सिनिक्त | क्रि.वि. | हे. सिनित्। |
| 91397 | सिनित्त | क्रि.वि. | जो भएको सरसामान सबै उठाएर केही वस्तु नरहने गरी सिनिक्। |
| 91398 | सिनित्त | क्रि.वि. | २. हेर्दै लोभ लाग्ने गरी बसूँबसूँजस्तो। |
| 91399 | सिनित्त | क्रि.वि. | ३. पखालपुखुल पारेर, सफा पारेर। |
| 91400 | सिनित्त | क्रि.वि. | वि. ४. खतम समाप्। |