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| 1701 | कलाधर | ना. | २. महादेव, शिव। |
| 1702 | कलाधर | ना. | ३. कलाविशेषज्ञ, कलाविद्। |
| 1703 | कलानिधि | ना. | चन्द्रमा। |
| 1704 | कलाप | ना. | १. धेरै परिमाण, रास; समूह; थुप्रो। |
| 1705 | कलाप | ना. | २. मुजुरको पुच्छर। |
| 1706 | कलाप | ना. | ३. बिटो मुठो। |
| 1707 | कलाप | ना. | ४. धनु। |
| 1708 | कलाप | ना. | ५. कात्यायनद्वारा प्रणीत व्याकरणको नाम | |
| 1709 | कलापिनी | ना. | रात, रात्रि। |
| 1710 | कलापी | ना. | १. मुजुर। |
| 1711 | कलापी | ना. | २. कोइली। |
| 1712 | कलापी | ना. | वि. ३. कालप व्याकरण पढ्ने। |
| 1713 | कलापी | ना. | ४. बथानमा बस्ने। |
| 1714 | कलाबत्तु | ना. | रेसमका डोरामा बेरिएको सुनौला र रूपौला झिनो तार। |
| 1715 | कलामर्मज्ञ | वि. | १. कुनै वस्तुको सौन्दर्यबारे राम्रो पारख गर्ने, कलाको भित्री मर्म चिन्ने। |
| 1716 | कलामर्मज्ञ | वि. | २. कलाकार | |
| 1717 | कलावन्त | वि. | कला जान्ने, कलाकार। |
| 1718 | कलावान्/कलाविद् | वि. | कलाको ज्ञाता, कलाकार। |
| 1719 | कलास्नातक | ना. | साहित्य, सङ्गीत आदि ललित कलाको स्नातक तत्सम्बन्धी तह, डिग्री वा उपाधि (बी. ए.)। |
| 1720 | कलास्नातकोत्तर | ना. | कलास्नातकभन्दा उपल्लो तह, डिग्री वा उपाधि (एम. ए.)। |
| 1721 | कलि | ना. | १. सत्य, त्रेता, द्वापर र कलि चारयुगमध्ये पछिल्लो युग; वर्तमान युगः। |
| 1722 | कलि | ना. | २. आपसको द्वेषपूर्ण भनाभन झगडा; कलह। |
| 1723 | कलि | ना. | ३. पाप। |
| 1724 | कलि | ना. | ४. दुःख, क्लेश। |
| 1725 | कलि | ना. | ५. युद्ध, सङ्ग्राम। |
| 1726 | कलि | ना. | ६. फक्रनुभन्दा पहिलो अवस्थाको फूल; कोपिला। |
| 1727 | कलिकर्म | ना. | १. परस्परमा कलह पार्ने वा बझाउने काम। |
| 1728 | कलिकर्म | ना. | २. लडाइँ; झगडा, युद्ध। |
| 1729 | कलिका | ना. | नफक्रेको फूल; कोपिला। |
| 1730 | कलिकाल | ना. | कलियुग; कलियुगको समय। |
| 1731 | कलिङ्ग | ना. | १. फुस्रो रङ्गको लामो गर्धन र रातो टाउको हुने एक प्रकारको चरो। |
| 1732 | कलिङ्ग | ना. | २. तरबुजो। |
| 1733 | कलिङ्ग | ना. | ३. भारतको उडिसा प्रदेशको प्राचीन नाम | |
| 1734 | कलिजुग | ना. | हे. कलियुग। |
| 1735 | कलिन्द | ना. | १. यमुना नदी निस्केको पर्व। |
| 1736 | कलिन्द | ना. | २. सूर्य। |
| 1737 | कलिन्द | ना. | ३. बर्रो। |
| 1738 | कलिन्द | ना. | कलिन्दजा - ना. कलिन्द प्रदेशबाट निस्कने वा निस्केको नदी, यमुना नदी, कालिन्दी। |
| 1739 | कलियुग | ना. | पुराणअनुसार चार युग सत्य, त्रेता, द्वापर र कलमध्ये पछिल्लो युग। |
| 1740 | कलियुगी | वि. | कलियुगमा हुने वा कलियुगसित सम्बन्धित (विशेषता, गुण, धर्म इ.)। |
| 1741 | कलियो | ना. | १. केटीपक्षले वा केटापक्षले मसँग विवाह गर' भनी कुरो उठाउने पहिलो बोली वा कुराकानी। |
| 1742 | कलियो | ना. | २. विवाहको काम निश्चित गर्न वर वा वधूपक्षबाट दिइने उपहार, कोसेली। |
| 1743 | कलियो | ना. | ३. सन्देश। |
| 1744 | कलिलो | वि. | १. बाल उमेरको भरखरको। |
| 1745 | कलिलो | वि. | २. नरम, कमलो कोमल। |
| 1746 | कलिलो | वि. | ३. नछिप्पिएको; कलकलाउँदो। |
| 1747 | कलिलो | वि. | स्त्री. कलिली | |
| 1748 | कली | ना. | १. नफक्रेको फूल; कोपिलो, कुड्मल, कलिका। |
| 1749 | कली | ना. | २. प्रेमी मायालु। |
| 1750 | कलुष | ना. | १. अधर्म, पाप। |