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| 1851 | कल्याण धन | ना. | १. गाडिराखेको बेवारिसी धन, गडुवा धन। |
| 1852 | कल्याण धन | ना. | २. बेवारिस मानिस मर्दा सरकार लागेको धन। |
| 1853 | कल्याण कोष | ना. | १. कुनै कल्याणकार्यका निम्ति स्थापित वा सङ्कलित कोष। |
| 1854 | कल्याण कोष | ना. | २. सामाजिक, शैक्षिक संस्था सङ्गठन वा तिनका कर्मचारीहरूको हितसंरक्षणका निम्ति राखिएको कोष। |
| 1855 | कल्याण मित्र | ना. | कुनै स्वार्थको भाव नराखी कल्याण गर्ने मित्र, हितैषी साथी। |
| 1856 | कल्याणी | वि. | १. कल्याण गर्ने (स्त्री); कल्याणमयी। |
| 1857 | कल्याणी | वि. | २. सुखी, भाग्यशालिनी। |
| 1858 | कल्याणी | वि. | ३. रूपवती, सुन्दरी। |
| 1859 | कल्यान | ना. | १ तह तह परेका खेतका पाटा। |
| 1860 | कल्यान | ना. | २. खेतमा पानी अड्याउन लगाइएको आली। |
| 1861 | कल्याहा | वि. | १. झगडा गर्ने; कलह गर्ने; झगडालु, बवा, बाभने। |
| 1862 | कल्याहा | वि. | २. रुन्चे, रोहा | |
| 1863 | कल्ल | क्रि.वि. | पानी खाँदा वा पानी बग्दा शब्द निस्कने किसिमले। |
| 1864 | कल्ला | ना. | मुगलकालको पुरानो असर्फी। |
| 1865 | कल्लिया | ना. | विवाह गर्नका लागि केटाको घरतर्फबाट केटी माग्न जाने व्यक्ति; लमी। |
| 1866 | कल्ली | ना. | स्त्रीजातिले गोडामा लाउने सुन वा चाँदीको गोलाकार बुट्टे वा सादा गहना। |
| 1867 | कल्ली. | ना. | १. ससाना पाँचसात मुठा जम्मा पारी बाँधेको पराल आदिको ठुलो मुठो। |
| 1868 | कल्ली. | ना. | २. घाँसको मुठो, चाकी। |
| 1869 | कल्ली | ना. | लबेदाको फेरमा गाँसिने कपडाको तीनकुने टुक्रा। |
| 1870 | कल्लोल | ना. | १. नदी, समुद्र आदिका पानीको सतहमा उठ्ने छाल, पानीको ठुलो तरङ्ग। |
| 1871 | कल्लोल | ना. | २. युवकयुवतीका बिचको प्रेमप्रसङ्ग, रतिक्रीडा। |
| 1872 | कल्लोल | ना. | ३. आमोदप्रमोद, खेलबाड। |
| 1873 | कल्लोलमालिनी | ना. | ठुलठुला तरङ्ग वा छाल उठ्ने नदी। |
| 1874 | कल्लोलिनी | ना. | छाल उठ्ने वा तरङ्गयुक्त नदी। |
| 1875 | कल्साउँदो / कल्स दो | वि. | हे. कलसाउँदो / कलसौंदो। |
| 1876 | कवच | ना. | पहिले पहिले मुलुकीखानामा रकम बुझाएपछि अड्डाबाट दिइने गरेको रसिद, कबच। |
| 1877 | कवच | ना. | योद्धाहरूले लडाइँमा शस्त्रको प्रहारबाट बच्न शरीरमा लगाउने धातुको भोटो, जङ्गी पोसाक। |
| 1878 | कवच | ना. | २. आवरण। |
| 1879 | कवच | ना. | ३. छाला, बोक्रा। |
| 1880 | कवच | ना. | ४. तन्त्रशास्त्रअनुसार शरीरका अङ्गप्रत्यङ्गको रक्षा र दिशाविदिशाबाट पनि सुरक्षा प्राप्त गर्नका लागि पाठ गरिने स्तोत्र, देवीदेवताको प्रार्थना गरी रचिएको तान्त्रिक मन्त्र ( दुर्गाकवच आदि)। |
| 1881 | कवचधारी | वि. | कवच धारण गर्ने, कवच लगाएको (योद्धा); कवची | |
| 1882 | कवची | वि. | कवचधारी। |
| 1883 | कवयित्री | ना. | कविता रच्ने स्त्री स्त्री कवि। |
| 1884 | कवरी | ना. | आइमाईहरूको सजाइएको केशपाश, चुल्ठो, वेणी। |
| 1885 | कवर्ग | ना. | देवनागरी लिपिको वर्णव्यवस्थामा व्यञ्जनवर्णका पाँच वर्ग (कवर्ग, चवर्ग, टवर्ग, तवर्ग, पवर्ग) मध्ये पहिलो वर्ग, क, ख, ग, घ, ङ- यी पाँच अक्षर। |
| 1886 | कवल | ना. | दलान, पसल, आदिका दुई थामका बिचको स्थान, दुकानको लङ वा भागलाई बिच बिचका खम्बा वा द्वारले छुट्याइएको सानो खण्ड। |
| 1887 | कवाइ टाँक | ना. | प्रायः तामो, पित्तल आदि धातुबाट बनाइएको, पाइन्ट, जाकेट आदिमा लगाइने बुट्टेदार वा सादा टॉक (ली बटम )। |
| 1888 | कवाज | ना. | सैनिकहरूलाई सामूहिक रूपमा दिइने विभिन्न प्रकार एवं कक्षाको शारीरिक प्रशिक्षण, फौजी रफत, सैनिक तालिम | |
| 1889 | कवायद | ना. | हे. कवाज। |
| 1890 | कवास | ना. | हे. कपास। |
| 1891 | कवासी | वि. | कपास जस्तै सेतो (गाई)। |
| 1892 | कवासे | वि. | कवास हुने, कवासजस्तो। |
| 1893 | कवि | ना. | १. कविता वा काव्यको रचना गर्ने व्यक्ति। |
| 1894 | कवि | ना. | २. शुक्राचार्य, दैत्यगुरु। |
| 1895 | कवि | ना. | ३. वाल्मीकि। |
| 1896 | कवि | ना. | ४. क्रान्तदर्शी ईश्वर। |
| 1897 | कविकर्म | ना. | कविको काम, कविता वा काव्य रचना गर्ने काम। |
| 1898 | कविकेशरी | ना. | १. नेपाली कविहरूलाई प्रदान गरिने नेपालको एक पदवी। |
| 1899 | कविकेशरी | ना. | २. कविहरूमध्येमा सिंह, श्रेष्ठ कवि। |
| 1900 | कविता | ना. | १. कविद्वारा आफ्ना संवेद्य अनुभूति वा स्फूर्त भावनालाई छन्द वा लयमा उनेर प्रस्तुत गरिएको पद्यात्मक वा गद्यात्मक साहित्यिक कृति वा रचना, काव्य, कविको भाव वा कविकर्म। |