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| 84251 | वृद्धि | ना. | ३. कुनै वस्तुको दरभाउ आदि बढ्ने काम। |
| 84252 | वृद्धि | ना. | ४. कुनै व्यक्तिको दर्जा, तलब आदि बढ्ने काम। |
| 84253 | वृद्धि | ना. | ५. ब्याज। |
| 84254 | वृद्धि | ना. | ६. लाभ नाफा। |
| 84255 | वृद्धि | ना. | ७. सन्तान जन्मने वा सन्तति बढ्ने काम। |
| 84256 | वृद्धि | ना. | ८. सन्तान जन्मँदा लाग्ने आशोच,सुत्केरो। |
| 84257 | वृद्धिसन्धि | व्याकरणमा अवर्ण अर्थात् अ, आदेखि पछि एच् अर्थात् ए, ओ, ऐर औमा कुनै एकका स्थानमा ऐ वा औ हुने एक सन्धि। | |
| 84258 | वृद्धिकर | वि. | वृद्धि गर्ने, बढाउने, उन्नति गर्ने। |
| 84259 | वृद्धिकर | वि. | ना. २. आम्दानीमा लगाइने वा बढाइने कर। |
| 84260 | वृद्धिकाल | ना. | कुनै कुरा वृद्धि भएको समय। |
| 84261 | वृद्धिदर | ना. | कुनै वस्तुको मूल्य वा कसैको तलब आदिको वृद्धिको क्रम। |
| 84262 | वृद्धिश्राद्ध | ना. | विवाह, व्रतबन्ध आदि माङ्गलिक कार्य र अन्य धार्मिक अनुष्ठान गर्दा पूर्वाङ्गमा गरिने श्राद्ध नान्दीमुखी श्राद्ध, आभ्युदयिक श्राद्ध। |
| 84263 | वृन्त | ना. | फलफूल, पात आदिको डाँठ, सागपात आदिको पातका फेदपट्टिको मोटो भाग, भेट्नु। |
| 84264 | वृन्द | ना. | समूह, जमात (जस्तै सज्जनवृन्द, महिलावृन्द आदि)। |
| 84265 | वृन्द | ना. | २. झुप्पो, गुच्छो। |
| 84266 | वृन्दा | ना. | विष्णुद्वारा सतीत्व नष्ट गरिएकी एक पौराणिक स्त्री, जालन्धरकी पत्नी। |
| 84267 | वृन्दा | ना. | २. तुलसी। |
| 84268 | वृन्दाकर | ना. | देवता वा श्रेष्ठ व्यक्ति। |
| 84269 | वृन्दाकर | ना. | २ समूह। |
| 84270 | वृन्दारण्य | ना. | वृन्दावन। |
| 84271 | वृन्दावन | ना. | मथुराको उत्तरतिर रहेको एक वन, कृष्णको क्रीडास्थल मानिएको हिन्दुहरूको प्रसिद्ध एक तीर्थस्थल। |
| 84272 | वृन्दावन | ना. | २. घनघोर जङ्गल, बिन्द्रावन। |
| 84273 | वृश्चिक | ना. | ज्योतिषशास्त्रमा बाह्र राशिमध्ये आठौं राशि। |
| 84274 | वृश्चिक | ना. | २. बिच्छी। |
| 84275 | वृश्चिक | ना. | ३. सूर्योदय हुँदा प्रायः वृश्चिक राशिको उदय हुने मङ्सिर महिना। |
| 84276 | वृष | ना. | साँढे। |
| 84277 | वृष | ना. | २. ज्योतिषमा बाह्र राशिमध्ये दोस्रो राशि। |
| 84278 | वृष | ना. | ३. कुनै वर्ग वा समूहको श्रेष्ठ व्यक्ति। |
| 84279 | वृष | ना. | ४. शिवको वाहन, नन्दी। |
| 84280 | वृष | ना. | ५. धर्म। |
| 84281 | वृषकर्मा | वि. | गोरु झैं जोतिएर काम गर्ने। |
| 84282 | वृषपर्वा | वि. | पुराणप्रसिद्ध एक दानव, शर्मिष्ठाका बाबु। |
| 84283 | वृषभ | ना. | साँढे गोरु। |
| 84284 | वृषभ | ना. | २. कामशास्त्रअनुसार चार प्रकारका पुरुषमध्ये एक शखिनी स्त्रीका निम्ति उपयुक्त पुरुष। |
| 84285 | वृषभ | ना. | ३. वृष। |
| 84286 | वृषभध्वज | ना. | महादेव, शिव। |
| 84287 | वृषल | ना. | कुकर्मी वा पापी व्यक्ति। |
| 84288 | वृषल | ना. | २. पतित व्यक्ति। |
| 84289 | वृषल | ना. | ३. शूद्र। |
| 84290 | वृषल | ना. | ४. घोडा। |
| 84291 | वृषली | ना. | शूद्र जातिकी स्त्री। |
| 84292 | वृषली | ना. | २ सन्तान नभएकी स्त्री बाँकी स्त्री। |
| 84293 | वृषली | ना. | ३. बाह्र वर्षकी अविवाहित कन्या। |
| 84294 | वृषली | ना. | ४ रजस्वला भए पनि विवाह नहुनाले पिताका घरमा रहने कन्या। |
| 84295 | वृषली | ना. | ५. रजस्वला। |
| 84296 | वृषोत्सर्ग | ना. | मानिस मरेको एघारौं दिन मृतकका उद्देश्यले क्रियापुत्रीले र आफ्नो क्रिया आफैंले गर्दा जिउँदो मानिस आफैँले साँढे डाम्न लगाएर छोड्ने धार्मिक कृत्य। |
| 84297 | वृष्टि | ना. | बादलबाट जल वा पानीको धारो लाग्ने काम, झरी, वर्षा। |
| 84298 | वृष्टि | ना. | २. पानी परे झैँ कुनै वस्तु थोरै वा धेरै मात्रामा ओइरिने वा फर्ने काम ,ओइराइ, झराइ। |
| 84299 | वृष्टिकाल | ना. | वर्षाकाल, बर्सा। |
| 84300 | वृष्टिछाया | ना. | वाष्पयुक्त वायुलाई रोक्ने पर्वतश्रेणीको पछिल्तिर परेको क्षेत्र, वायुविमुख जमिन। |