|
|
|
|
|
|---|---|---|---|
| 85201 | शरीरसंस्कार | ना. | नाना प्रकारका शुद्धि संस्कारका अनुष्ठानद्वारा शरीरलाई शुद्ध र पवित्र पार्ने काम। |
| 85202 | शरीरसंस्कार | ना. | २. सौन्दर्यका निम्ति गरिने शरीरको सफाइ, शृङ्गार आदि काम। |
| 85203 | शरीरी | वि. | शरीर भएको, शरीर धारण गर्ने (प्राणी, जीव आदि)। |
| 85204 | शर्करा | ना. | सखर, खुदो, चिनी। |
| 85205 | शर्करा | ना. | २. बालुवाको कण, बलौटे जमिन। |
| 85206 | शर्करा | ना. | ३. कुनै पनि साह्रो टुक्रो वा कण (कङ्कट , गेगर, असिना इ.)। |
| 85207 | शर्मा | ना. | ब्राह्मणहरूका नामको पछाडि रहने एक उपाधि (जस्तो विष्णु शर्मा, बालचन्द्र शर्मा इ.) २. प्रसन्नता, आनन्द,खुसी। |
| 85208 | शर्मा | ना. | ३. आशीर्वाद। |
| 85209 | शर्मा | ना. | ४ आधार, घर ( प्रायः वैदिक अर्थमा )। |
| 85210 | शर्मिष्ठा | ना. | महाभारतप्रसिद्ध दानवराज वृषपर्वाकी पुत्री तथा चन्द्रवंशी राजा ययातिकी कान्छी रानी। |
| 85211 | शर्वरी | ना. | रात्रि, रा। |
| 85212 | शर्वरी | ना. | २. साठी संवत्सरमध्ये एक। |
| 85213 | शर्वरी | ना. | ३. हलेदो। |
| 85214 | शलभ | ना. | गाइने किराजस्तो बथानिएर उड्ने एक जातको किरो, सलह। |
| 85215 | शलभ | ना. | २. फट्याङ्ग्रो। |
| 85216 | शलाका | ना. | काठ, बाँस, धातु आदिको टुक्रा, डन्डी वा छेस्को। |
| 85217 | शलाका | ना. | २. रङ भर्ने वा आँखामा गाजल लाउने पेन्सिल। |
| 85218 | शलाका | ना. | ३. नलीखुट्टाको हाड। |
| 85219 | शलाका | ना. | ४. दुम्सी। |
| 85220 | शलाका | ना. | ५. सलाई ५. छाताको करङ। |
| 85221 | शल्य | ना. | चिरफार गर्ने हतियार (कैंची, छुरा, सुइरो, स्याँगी आदि)। |
| 85222 | शल्य | ना. | २. कण्टक, काँडो। |
| 85223 | शल्य | ना. | ३. बाण तीर। |
| 85224 | शल्य | ना. | ४. बिभने दुःखदायी कुरो। |
| 85225 | शल्य | ना. | ५. हाड, अस्थि। |
| 85226 | शल्य | ना. | ६. मद्र देशका महाभारतकालीन राजाको नाम। |
| 85227 | शल्यक्रिया | ना. | चिरफारद्वारा शारीरिक उपचार गरी ठिक पार्ने काम, शल्यचिकित्सा। |
| 85228 | शल्यचिकित्सक | ना. | चिरफारका पद्धतिले काम गर्ने डाक्टर वा वैद्य। |
| 85229 | शल्यचिकित्सा | ना. | चिरफारका पद्धतिले गरिने रोगको उपचार वा चिकित्सा, शल्यकर्म। |
| 85230 | शल्यविज्ञान | ना. | शरीरमा भएका घाउखटिरा वा दूषित अङ्गको चिकित्साका निम्ति चिरफार गर्ने पद्धति, बताउने विज्ञान, शल्यशास्त्र। |
| 85231 | शल्यशास्त्र | ना. | शल्यविज्ञान। |
| 85232 | शल्योपचार | ना. | चिरफारद्वारा गरिने उपचार वा चिकित्सा। |
| 85233 | शव | ना. | मृत शरीर, लास, मुर्दा, सिनु (पशुको )। |
| 85234 | शवकर्पट | ना. | कात्रो। |
| 85235 | शवपरीक्षा | ना. | मृत्युको कारण थाहा पाउनका लागि लास जाँच्ने काम, पोस्टमार्टम। |
| 85236 | शवयात्रा | ना. | बन्धुबान्धवहरू मिलेर मृतकलाई जलाउने, गाइने आदि अन्तिम संस्कारका निम्ति घाट वा चिहानमा लैजाने काम। |
| 85237 | शवयात्री | ना. | शवयात्रामा सम्मिलित हुने व्यक्ति, मलामी। |
| 85238 | शवयान | ना. | मुर्दालाई संस्कार गर्न लैजाँदा राख्ने खट घारो। |
| 85239 | शश | ना. | खरायो, चौघडा। |
| 85240 | शश | ना. | २. कामशास्त्रअनुसार चार किसिमका पुरुषमध्ये मधुरभाषी, सत्यवक्ता, सुशील र गुणग्राही व्यक्ति। |
| 85241 | शशक | ना. | खरायो, चौघडा, शश। |
| 85242 | शशधर | ना. | चन्द्रमा। |
| 85243 | शशशृङ्ग | ना. | वास्तविक संसारमा नहुने, खरायोको सिङ जस्तै असम्भव वा काल्पनिक कुरो, भरपत्यार गर्न नसकिने कुरा। |
| 85244 | शशाङ्क | ना. | चन्द्रमा, शशी। |
| 85245 | शशाङ्क शेखर | ना. | महादेव, शिव। |
| 85246 | शशि | ना. | शशी। |
| 85247 | शशिकला | ना. | चन्द्रमाको सोह्र कला। |
| 85248 | शशिकला | ना. | २. चरणैपिच्छे चार नगण र एक सगण हुने वर्णवृत्। |
| 85249 | शशिकान्त | ना. | चन्द्रकान्तमणि। |
| 85250 | शशिकान्त | ना. | २. कमल, कुमुद। |