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| 86301 | श्रीबन्दी | ना. | शिरबन्दी। |
| 86302 | श्रीबिन्दु | ना. | शिरबिन्दु। |
| 86303 | श्रीमती | ना. | श्रीमान्को स्त्रीलिङ्गी रूप, विवाहिता स्त्रीहरूका नामको अगाडि लगाइने आदरवाची शब्द (जस्तै- श्रीमती इन्दिरा, श्रीमती कल्पना, श्रीमती उषा शर्मा इ.)। |
| 86304 | श्रीमद्भागवत | ना. | मूल रूपमा श्रीकृष्णको चरित्र वर्णन गरिएको व्यासलिखित प्रसिद्ध पुराणग्रन्थ, अठार महापुराणमध्ये एक। |
| 86305 | श्रीमन्त | ना. | श्रीमान्को बहुवचन, सर्वश्री। |
| 86306 | श्रीमहारक | ना. | लिच्छविकालमा राजाको निश्चित उत्तराधिकारी। |
| 86307 | श्रीमान् | वि. | शोभा वा ऐश्वर्यले युक्त भएको, सौभाग्यशाली। |
| 86308 | श्रीमान् | वि. | ना. २. पुरुषका नामको अगाडि लेखिने आदरसूचक शब्द। |
| 86309 | श्रीमान् | वि. | ३. न्यायाधीश वा अन्य ठुलाबडालाई सम्बोधन गर्ने शब्द। |
| 86310 | श्रीमान् | वि. | ४. पति,लोग्ने। |
| 86311 | श्रीमुख | ना. | तेजिलो वा उज्यालो मुख, शोभायुक्त अनुहार। |
| 86312 | श्रीमुख | ना. | २. मान्यजनको मुख। |
| 86313 | श्रीयन्त्र | ना. | तान्त्रिक विषयमा शिवतन्त्रसम्बन्धी एक यन्त्र। |
| 86314 | श्रीयन्त्र | ना. | २. विन्दु र त्रिचालीसवटा त्रिकोण जोल्टिएर बन्ने, आठ र सोह्र कमलदल, तीन वृत्त र तीन भूपुर हुने लक्ष्मीको तान्त्रिक जन्तर। |
| 86315 | श्रीयुक्त / श्रीयुत | वि. | शोभा वा सौन्दर्यले पूर्ण, गौरवशाली, धनवान्। |
| 86316 | श्रीयुक्त / श्रीयुत | वि. | ना. २. पुरुषजातिका नामको अगाडि लगाइने एक आदरसूचक शब्द। |
| 86317 | श्रीवत्स | ना. | पुराणअनुसार विष्णुको छातीमा अङ्कित भृगु ऋषिको पादचिह्न। |
| 86318 | श्रीवत्स | ना. | २. पुरुषका छातीमा कमै पाइने दाहिनेबाट घुमेको रौंको चक्राकार चिह्न। |
| 86319 | श्रीवत्स | ना. | ३. पहिले काठमाडौं उपत्यकाका राजाहरूमा चलेको र बाकुपौमा लाग्दा पछिसम्म कानुनी मान्यता पाएको देखिने छाप। |
| 86320 | श्रीवत्स | ना. | हे. 'बाकुपौ' पनि। |
| 86321 | श्रीवल्ली | ना. | पानका जस्ता ठुलठुला, हरिया पात हुने र क्रमशः फैलिंदै जाने प्रसिद्ध लहरो ( मनीप्लान्ट )। |
| 86322 | श्रीवल्ली | ना. | ( यसको फेदमा पानी हाल्दा सरेर टुप्पाबाट झर्ने गर्छ। अचेल यो सुन्दरताका निम्ति र पैसा फलाउँछ भन्ने विश्वास वा लच्छिनका रूपमा कौंचा र गमलाहरूमा लगाई घरका वरिपरि, बरन्डा तथा ढोका र कोठामा समेत सजाइएको देखिन्छ)। |
| 86323 | श्रीवल्ली | ना. | २. पनेरको बोट। |
| 86324 | श्रीवृक्ष | ना. | पीपलको वृक्ष। |
| 86325 | श्रीवृक्ष | ना. | २. बेलको रुख। |
| 86326 | श्रीवृक्ष | ना. | ३. नरिवल। |
| 86327 | श्रीशैल | ना. | दक्षिण भारतमा पर्ने कृष्णा नदीको तटमा अवस्थित तथा मल्लिकार्जुनको ज्योतिर्लिङ्ग भएको पर्वत शिखर। |
| 86328 | श्रीसम्पत्ति | ना. | कसैको आफ्नो अधिकारभित्र रहेको सिरीखुरी सम्पत्ति, जायजेथा सर्वस्व लट्टीपट्टी। |
| 86329 | श्रीहर्ष | ना. | इ. बाह्रौं शताब्दीका संस्कृत साहित्यका प्रसिद्ध कवि तथा 'नैषध' महाकाव्यका रचयिता। |
| 86330 | श्रुत | वि. | ध्यान दिएर श्रवण गरिएको, सुनिएको। |
| 86331 | श्रुत | वि. | २. परापूर्वदेखि सुन्दै आएको, कहलिएको विख्या। |
| 86332 | श्रुत | वि. | ना. ३. सुन्ने विषय वा शास्त्र (वेद आदि)। |
| 86333 | श्रुतानुश्रुत | वि. | धेरै जनाबाट सुनिएको, बहुचर्चि। |
| 86334 | श्रुतानुश्रुत | वि. | ना. २. धेरैबाट सुनिएको कुरा, किंवदन्ती। |
| 86335 | श्रुति | ना. | सुन्ने इन्द्रिय, कान। |
| 86336 | श्रुति | ना. | २ सुन्ने काम वा कुरो, श्रवण। |
| 86337 | श्रुति | ना. | ३. वेद। |
| 86338 | श्रुति | ना. | ४. सङ्गीतमा स्वरभेद वा स्वरको अन्तराल। |
| 86339 | श्रुति | ना. | (सात मूल स्वरका प्राचीन आचार्यका मतानुसार बाइस र आधुनिक पद्धतिअनुसार अठार श्रुतिभेद मानिएका छन्)। |
| 86340 | श्रुतिकटु | वि. | सुन्दा नमिठो लाग्ने वा खट्कने, कर्णकटु (वचन, ध्वनि उच्चारण आदि)। |
| 86341 | श्रुतिकटु | वि. | ना. २. काव्य-रचनाको दोष मानिने यस्तै मधुरता नभएको ध्वनि वा नमिठो कुरो। |
| 86342 | श्रुतिगम्य / गोचर | वि. | कानले ग्रहण गर्न सकिने, सुन्न सकिने। |
| 86343 | श्रुतिगम्य / गोचर | वि. | २. सुनेको, श्रु। |
| 86344 | श्रुतिधर | वि. | सुनेका कुरा सम्झिरहने, सुनेको कुरो हेक्का गरिरहने शक्ति भएको। |
| 86345 | श्रुतिपरम्परा | ना. | सुनेका भरमा अर्थात् एक कान दुई कान हुँदै चल्दै आएको पुरानो कुरा, कर्णपरम्परा। |
| 86346 | श्रुतिप्रमाण | ना. | वेदविहित प्रमाण, वेदका विधिले स्वीकृति दिएको कुरो। |
| 86347 | श्रुतिमण्डल | ना. | कानको बाहिरपट्टिको अवयव। |
| 86348 | श्रुतिमधुर | वि. | सुनिरहूँ जस्तो वा कानलाई मिठो र प्यारो लाग्ने कर्णमधुर। |
| 86349 | श्रुतिलेख | ना. | अरूले बोलेका कुरा सुन्दै जस्ताको तस्तै लेखिने लेख। |
| 86350 | श्रुतिलेखन | ना. | सुनेर लेख्ने काम वा विधि। |