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| 5851 | क्षोभ | ना. | १. कुनै आपत्तिजनक कुरो वा व्यवहार देखेर कसैप्रति मनमा उठ्ने व्याकुलतासहितको रिस वा क्रोध । |
| 5852 | क्षोभ | ना. | २. मनको हलचल, खलबली, असन्तोष। |
| 5853 | क्षोभ | ना. | ३. डर, भय, कँपकँपाइ | |
| 5854 | क्षोभक | वि. | क्षोभ पैदा गराउने, क्षुब्ध पार्ने । |
| 5855 | क्षोभमण्डल | ना. | पृथ्वीको धरातलदेखि ठिक माथिल्लो वायुमण्डलको तह | |
| 5856 | क्षोभी | वि. | १. रिस र असन्तोष भएको, क्षुब्ध । |
| 5857 | क्षोभी | वि. | २. व्याकुल, विहवल । |
| 5858 | क्षौर | ना. | छुराले केश काट्ने वा कपाल खौरने काम, मुण्डन । |
| 5859 | क्षौरकर्म | ना. | छुरा लाएर केश काट्ने विधि वा काम, मुण्डन गरिने कार्य। |
| 5860 | ख | १. देवनागरी वर्णमालाको व्यञ्जनवर्णमध्ये दोस्रो वर्ण; कण्ठस्थानबाट उच्चारण हुने, स्पर्शी, अघोष, महाप्राण ध्वनि; कवर्गको दोस्रो वर्ण; लेख्य रूपमा सो व्यञ्जनवर्णको प्रतिनिधित्व गर्ने लिपिचिह्न; खरायो ख। | |
| 5861 | ख | २. कुनै वस्तु, विषय वा कुराको वर्गीकरण या मूल्याङ्कन गर्दा दोस्रो वा मध्यम श्रेणीलाई छुट्याई चिनाउन प्रयोग गरिने श्रेणीबोधक अक्षरसङ्केत; लेखाइका क्रममा विषयको वर्गीकरण वा विभाजन उपविभाजनका निम्ति व्यञ्जनवर्णको प्रयोग गरिँदा दिइने क्रमबोधक दोस्रो चिह्न | | |
| 5862 | ख | ना. | निश्चय पक्का ; निधो। |
| 5863 | ख | ना. | (उदा.- पहिले आफू आफूमै ख भइसकेपछि मात्र यो काम गर्नु बेस हुन्छ)। |
| 5864 | खँगार्नु | स.क्रि. | - १. पानी, घिउ, तेल आदि नहालीकनै खानेकुरो सुक्खा भुट्नु; सुक्खा नै पाक गर्नु, खडार्नु। |
| 5865 | खँगार्नु | स.क्रि. | २. नचाहिँदो खर्च गरेर भएको जेया सिद्ध्याउनु, धनसम्पत्ति सिरीखुरी पार्नु। |
| 5866 | खँगार्नु | स.क्रि. | ३. तल झार्नु; खसाल्नु; खुरमुऱ्याउनु। |
| 5867 | खँगार्नु | स.क्रि. | ४. रोगले शरीर क्षीण पार्नु। |
| 5868 | खँगार | ना | १. सम्पत्तिको दुरुपयोग गरी सिध्याएर भएको गरिबी; दरिद्रता। |
| 5869 | खँगार | ना | २. रोग लागेर हुने कमजोरी; क्षीणता। |
| 5870 | खँगार | ना | ३. खँगार्ने काम। |
| 5871 | खँगाराइ | ना. | खँगार पार्ने वा खँगार्ने भाव क्रिया वा प्रक्रिया। |
| 5872 | खँगारिनु | क.क्रि. | खँगार्ने काम गरिनु। |
| 5873 | खँगालो | ना. | मालामा उनेर हार बनाई लगाइने एक प्रकारको चाँदीको गहना। |
| 5874 | खँचाइ | ना. | खाँच्ने भाव, क्रिया वा प्रक्रिया। |
| 5875 | खँजाहा | ना. | खोरन्डो; लङ्गडो; खुनी। |
| 5876 | खँजाहा | ना. | (उदा.- विजातीय शब्द ओसारी नेपाली भाषालाई खँजाहा पार्नु राम्रो होइन)। |
| 5877 | खँडिया | ना. | टुटेफुटेका भाँडाकुँडा। |
| 5878 | खँडियामडिया | ना. | टुटेफुटेका र अरू भाँडाकुँडा आदि। |
| 5879 | खँडियो | ना. | मसिनु कनिका ; मियाँ। |
| 5880 | खँडेउली | ना. | १. आधा टुक्रिएको वा काटिएको चामल; खसा कनिका। |
| 5881 | खँडेउली | ना. | २. कनिकाको जाउलो। |
| 5882 | खँड्गेली | ना. | ढोकाको अगाडिपट्टिको जमिन; अलिन्द। |
| 5883 | खँड्यौली | ना. | १. आधा टुक्रिएको वा काटिएको चामल; खसा कनिका। |
| 5884 | खँड्यौली | ना. | २. कनिकाको जाउलो। |
| 5885 | खँदा | ना. | खाँद्ने भाव, क्रिया वा प्रक्रिया | |
| 5886 | खँदार्नु | स.क्रि. | तलतिर घिसार्नु वा झार्नु खँगार्नु। |
| 5887 | खँदाराइ | ना. | खँदार्ने काम वा भाव। |
| 5888 | खँदारिनु | क.क्रि. | खँदार्ने काम गरिनु। |
| 5889 | खँदिलो | वि. | खुब खाँदिएको; ठोस; गहकिलो; वजनदार। |
| 5890 | खँदुवा | वि. | भित्र खोक्रो नभएको; राम्ररी खाँदिएको; खँदिलो; ठोस। |
| 5891 | खँदुवा बन्दुक | ना. | गोली, बारुद आदि भरिएको बन्दुक। |
| 5892 | खँदेल | ना. | लेकाली भेगमा मुख्य रूपले आलुको खेती गरी जीवननिर्वाह गर्ने एक जाति। |
| 5893 | खइन | ना. | १. खानका निम्ति प्रयोग गरिने अन्न। |
| 5894 | खइन | ना. | २. चिसो र ढुसीले सड्न वा गल्न लागेको चिज। |
| 5895 | खई | ना. | पित्तल, फलाम, दाँत आदिमा लाग्ने कस; खिया; खुई। |
| 5896 | खउर | ना. | खयरका जस्तै पात र काँढा हुने तर खयरको जस्तो रङ नआउने, तराईमा हुने एक जातको वृक्ष। |
| 5897 | खकन/खकानु | ना. | १. भारी बोक्ता त्यसको बोझ थाप्लामा मात्र नपरोस् भनी डोका वा ढाकरहरूमा लगाइएको काखीमा छिराई काँधमा अड्याइने डोरी वा सानो नाम्लो। |
| 5898 | खकन/खकानु | ना. | २. घाँगर, पाइन्ट आदि अड्याउन काँधमा अड्काइने फित्ता। |
| 5899 | खकार्नु | स.क्रि. | खोकेर घाँटीबाट सास बाहिर निकाली कफ झिक्नु। |
| 5900 | खकार | ना. | ख' वर्ण। |