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| 6201 | खनाइ | ना. | खन्ने क्रिया वा प्रक्रिया | |
| 6202 | खनाइनु | क.क्रि. | खन्ने काम गराइनु। |
| 6203 | खनाउनु | प्र.क्रि. | खन्न लाउनु; खन्ने काम गराउनु। |
| 6204 | खनाखन | क्रि.वि. | धातुका रुपियाँ वा सिक्का गन्ने किसिमले; खनखन्ती। |
| 6205 | खनाति | ना. | आफ्नो पाँच पुस्तापछिको पुरुष सन्तति; पाँच पुस्ताको नाति नातिको छोरो। |
| 6206 | खनायो/खनिउँ | ना. | केही बाटुला र टुप्पातिर चुच्चे आकारका ठुला, बाक्ला पात हुने, फेदमा लिचीजत्रा फलका माटाबाहिर झुप्पा लाग्ने र माटाभित्र जरामा समेत फल्ने, पाकेपछि गुलियो स्वादको हुने एक किसिमको डाले घाँसको बोट वा त्यसैको फल; खन्यु; हात्तीपाइले। |
| 6207 | खनिचा | ना. | गोलाकार टुप्पो र धारिलो बिट हुने एक प्रकारको छिनु। |
| 6208 | खनिज | वि. | भूगर्भभित्र रहेको, खानीबाट निस्कने वा निकालिने; खानीमा पाइने। |
| 6209 | खनिज उत्पादन | ना. | खानीबाट पैदा हुने वा निस्कने वस्तु। |
| 6210 | खनिज पदार्थ | ना. | खानीबाट निस्कने वस्तु, खानीमा रहने वस्तु। |
| 6211 | खनिज पानी | ना. | खनिज तत्त्वको आधिक्य भएको पानी। |
| 6212 | खनिजविज्ञान | ना. | भूगर्भमा रहेको खानी पत्ता लगाउने र खानीबाट निस्कने वस्तुको विवेचना गर्ने विद्या; खनिजसम्बन्धी विज्ञान। |
| 6213 | खनिज साधन | ना. | खानीबाट निकालिने सामान; खानीबाट निक्लने सामग्री। |
| 6214 | खनिनु | अ.क्रि. | १. पानी आदि तरल पदार्थ बेसरी पोखिनु; आकाशबाट दर्केर पानी पर्नु। |
| 6215 | खनिनु | अ.क्रि. | २. कसैले वा केही वस्तुले ओगटेको ठाउँ खाली हुनु, रित्तिनु। |
| 6216 | खनिनु | अ.क्रि. | ३. कुनै वस्तु एकैपल्ट धेरै मात्रा वा सङ्ख्यामा वैरिनु; आइलाग्नु; धुरिनु। |
| 6217 | खनी | वि. | १. समय मिल्ने वा पाउने; फुर्सद भएको। |
| 6218 | खनी | वि. | २. थोरै बेर मात्र रहने; एकै छिनको; क्षणिक | |
| 6219 | खनी | वि. | ना. यो. ३. निम्तिको अर्थ बुझाउने पुरानो शब्द। |
| 6220 | खनीउकाली | ना. | एकै छिनको सुख वा उन्नति; मुतको न्यानो। |
| 6221 | खनीओराली | ना. | छिनभरको अवनति; अवनतिको क्षणभङ्गुरता; एकै छिनको दुःख वा अवनति। |
| 6222 | खनीओराली | ना. | (उदा.- आफूलाई त कैले खनीउकाली, कैले खनीओराली पो भएको छ)। |
| 6223 | खनीखोस्री | ना. | कुटो, कोदालो आदि साधनले खेतबारी वा जग्गाजमिनको थाउलो खन्ने, खोस्रने काम; खनखान; खनजो। |
| 6224 | खन्चा | ना. | धातु आदिका वस्तुमा प्वाल पार्ने साधन, पन्चिङ गर्ने एक प्रकारको सामान। |
| 6225 | खचुरो | वि. | १. जतिखेर भेट्टाए पनि वा बेला न कुबेला चुभुरभुर खाइरहने। |
| 6226 | खचुरो | वि. | २. धेरै खाने; खन्चुवा। |
| 6227 | खन्चुवा | वि. | धेरै खाने स्वभावको; खाइरहन खोज्ने; खन्चुरो। |
| 6228 | खन्चुवी | धेरै खाने वा खाइरहन खोज्ने स्वभावकी (स्त्री)। | |
| 6229 | खन्जर | ना. | फलामबाट बनेको काट्ने हतियार; छुरी; कटारी। |
| 6230 | खन्जो | वि. | खोरन्डो, लङ्गडो। |
| 6231 | खन्डखाद्दे | खण्डखाद्य। | |
| 6232 | खन्डिनु | अ.क्रि. | टुक्रा टुक्रा हुनु; खण्ड खण्ड हुनु, टुक्रिनु। |
| 6233 | खन्ड्याइ | ना. | खन्डिने वा खन्ड्याउने काम वा प्रक्रिया। |
| 6234 | खन्ड्याइनु | क.क्रि. | खण्ड खण्ड पारिनु; टुक्र्याइनु। |
| 6235 | खन्ड्याउनु | प्रे.क्रि. | खन्डिने पार्नु टुक्र्याउनु। |
| 6236 | खन्डी | ना. | १. खण्ड खण्ड पारिएको पञ्चपालाजस्तो थाल; खण्डेथाल। |
| 6237 | खन्डी | ना. | २. सानो खण्ड, टुक्रा वा भागलाई बुझाउने र सङ्ख्यावाची शब्दमा पछिल्तिर गाँसिने शब्द (जस्तै- त्रिखण्डी, चौखण्डी)। |
| 6238 | खन्डे | वि. | १. खण्ड खण्ड परेको; धेरै खाना भएको; खण्डसम्बन्धी। |
| 6239 | खन्डे | वि. | २. कुनै वस्तुका धेरै भागमध्ये एक भाग पाउने; एक भागको अधिकारी। |
| 6240 | खन्डे थाल | ना. | विभिन्न व्यञ्जन राख्न मिल्ने बटुकी आकारका सानाठुला खोपिल्टा परेको थाल; खण्डी। |
| 6241 | खन्डो | ना. | १. खेत, बारी आदिको कुनै भाग। |
| 6242 | खन्डो | ना. | २. भान्छाकोठाको हाताभित्र भात खाँदा पिर्का राखेर बसी खान मिल्ने गरी बनाइएको सानोतिनो चौको। |
| 6243 | खन्तरे | वि. | सहोदर भाइमा जन्मका क्रमले सातौँ; जन्तरेपछिको। |
| 6244 | खन्ती | ना. | जमिनमा प्वाल पार्ने वा गहिरो खाल्टो खन्ने डन्डीजस्तो फलामको चुच्चे हतियार; एक किसिमको गल। |
| 6245 | खन्ती खलास | वि. | सबै कुरा सिद्धिइसकेको; केही नभएको; टाट पल्टेको। |
| 6246 | खन्याइ | ना. | खन्याउने भाव, क्रिया वा प्रक्रिया | |
| 6247 | खन्याइनु | स.क्रि. | बेसरी पोखिनु; खत्त्याइनु। |
| 6248 | खन्याउनु | स.क्रि. | १. बेसरी पोख्नु; खत्त्याउनु। |
| 6249 | खन्याउनु | स.क्रि. | २. रित्त्याउनु; खाली पार्नु। |
| 6250 | खन्यू | ना. | केही बाटुला र टुप्पातिर चुच्चे आकारका ठुला, बाक्ला पात हुने, फेदमा लिचीजत्रा फलका माटाबाहिर झुप्पा लाग्ने र माटाभित्र जरामा समेत फल्ने, पाकेपछि गुलियो स्वादको हुने एक किसिमको डाले घाँसको बोट वा त्यसैको फल; खन्यु; हात्तीपाइले। |