|
|
|
|
|
|---|---|---|---|
| 6601 | खले भाग | ना. | दमाईं, कामी, हली आदिलाई खलाबाट नै भरिने बर्खे बाली। |
| 6602 | खलो | ना. | काटेर, टिपेर वा उखेलेर ल्याइएका डाँठसहितका अन्न थुपार्न, माड्न, चुट्न वा दाइँ गर्न खेतबारीको कुनै भागलाई ताछतुछ पारेर, लिपेर सफा बनाइएको ठाउँ। |
| 6603 | खलोखुलो | ना. | खलोफुलो। |
| 6604 | खलोपुलो | ना. | खेती गरिएको जग्गाको जो भएको अन्न उठाइसकेपछि कसैले सिला खोजेर जम्मा गरेको अन्न (धान, गहुँ आदि)। |
| 6605 | खलोफुलो | ना. | देवकार्य वा पितृकार्यमा अर्पण गरिएका नगदी, जिन्सी मालसामान; देवपितृकार्यमा पुरोहितले पाउने सरसामान। |
| 6606 | खलोमैरो | ना. | खलामा थुपारेको अन्न उठाइसकेपछि खलाको बढारकुँढारबाट आएको अन्न। |
| 6607 | खल्काइ | ना. | खल्काउने क्रिया वा प्रक्रिया। |
| 6608 | खल्काइनु | क.क्रि. | खल्काउने काम गरिनु; निलिनु। |
| 6609 | खल्काउनु | स.क्रि. | नरम खानेकुरो मुखले नचपाईकन पेटमा पुऱ्याउनु, निल्नु। |
| 6610 | खल्को | ना. | जुठो लाग्ने आफ्ना बन्धुबान्धवको मृत्यु सुनेपछि गरिने स्नान; आशौच स्नान। |
| 6611 | खल्ट्यान | ना. | १. खाल्टाखुल्टी परेको ठाउँ वा जग्गा। |
| 6612 | खल्ट्यान | ना. | २. रोपिएको वा छरिएको बिउ पर्याप्त नउम्रने उबडखाबड र रुखो जग्गा। |
| 6613 | खल्ती | ना. | कोट, कमिज, पाइन्ट आदिमा कपडाको टुक्रा जोडेर केही राख्न बनाइएको ठाउँ; गोजी; जेब; बगली। |
| 6614 | खल्पी | ना. | रायो, बेसार, नुन, तेल आदिमा मुछेर केही दिन घाम वा आगाको रापमा राखेर अमिल्याइएको काँक्राको अचार। |
| 6615 | खल्मा | ना. | ताल्चा मार्नका निम्ति ढोकामा जडिएको फलामको मुन्द्रो। |
| 6616 | खल्मा | ना. | पाखा बाली राख्ने ठाउँ; खोल्मा। |
| 6617 | खल्याकखुलुक्क | क्रि.वि. | घाउखटिरामा जमेको रगत, पिप आदि एकै पटक बाहिर निस्कने गरी; भएभरको मल साफ हुने किसिमले; खल्यातखुलुत्त; खातखुत्। |
| 6618 | खल्याङखुट्टी | ना. | एउटा खुट्टा उचालेर अर्को खुट्टाले मात्र टेकेर दौडने एक प्रकारको खेल ; खर्ल्याङखुट्टी। |
| 6619 | खल्याङखुलुङ | क्रि.वि. | १. जुठा भाँडाकुँडा पानीले खकालेर (सफा गर्ने किसिम); खकालखुकुल। |
| 6620 | खल्याङखुलुङ | क्रि.वि. | २. खल्याङमल्याङ; खलबल | |
| 6621 | खल्याङबल्याङ | ना. | १. धेरै मानिसले बोलेको अस्पष्ट आवाज; हल्लीखल्ली; कोलाहल ; होहल्ला; खल्याङमल्याङ। |
| 6622 | खल्याङबल्याङ | ना. | क्रि.वि. २. जमातले नै होहल्ला गर्ने गरी। |
| 6623 | खल्याङमल्याङ | ना. | १. धेरै मानिसले बोलेको अस्पष्ट शब्द; कोलाहल; खल्याङ ल्याङ। |
| 6624 | खल्याङमल्याङ | ना. | क्रि.वि. २. धेरै पानीले जम्मै जिउ भिज्ने गरी (नुहाउने किसिम )। |
| 6625 | खल्याङमल्याङ | ना. | वि. ३. खलबलिएको; अस्तव्यस्। |
| 6626 | खल्यातखुलुत्त | क्रि.वि. | पेटको कसरमसर एकैचोटि साफ हुने गरी (दिसा लाग्ने किसिम); खल्याकखुलुक्क। |
| 6627 | खल्ल | क्रि.वि. | एकैचोटि बग्ने गरी पानी खन्याउने किसिमले। |
| 6628 | खल्लड | वि. | हाडछालामात्र बाँकी रहेको, ज्यादै दुब्लो, ज्यादै बुढो। |
| 6629 | खल्लन | वि. | नुन, जिरा, भुटुन आदि नपुगेको; बढी पानी थपिएको; बेस्वादको खल्लो ( तिहुन, तरकारी आदि)। |
| 6630 | खल्लने | वि. | खल्लन। |
| 6631 | खल्लबल्ल | ना. | १. कुनै झैझगडा पर्दा धेरै मानिस कराउनाले भएको हल्लाखल्ला; बाझाबाझ गरेको आवाज; खल्याङमल्याङ। |
| 6632 | खल्लबल्ल | ना. | २. कुनै अन्याय, अत्याचारका विरोधमा उठेको सामूहिक आवाज; होहल्ला। |
| 6633 | खल्लमल्ल | क्रि.वि. | जिउ भिज्ने गरी पानी खत्त्याएर (नुहाउने किसिम)। |
| 6634 | खल्लर | वि. | नुन, जिरा, भुटुन आदि नपुगेको; बढी पानी थपिएको; बेस्वादको खल्लो ( तिहुन, तरकारी आदि)। |
| 6635 | खल्लर | वि. | १. हाडछाला मात्र रहेको; ज्यादै दुब्लो। |
| 6636 | खल्लर | वि. | २. बुढो। |
| 6637 | खल्लर | वि. | ३. खल्लड। |
| 6638 | खल्लु | ना. | काला गेडा र राता राता बियाँ हुने एक वृक्ष वा चुसेर खाइने त्यसैको फल। |
| 6639 | खल्लो | वि. | नुन वा चिनी आदि कम्ती भएर स्वाद बिग्रेको; वेस्वादको; बढी पानी भएर सार उत्रेको (तरकारी, चिया इ.)। |
| 6640 | खल्लोमल्लो | खल्लो, बेस्वादको। | |
| 6641 | खल्ल्याइ | ना. | खल्लोपना; अस्वादुता; बेस्वाद। |
| 6642 | खल्वाट | वि. | टाउकाका रौं खुइलिएको; खल्वाटे; खुइले; खोइरे। |
| 6643 | खल्वाटे | वि. | खल्वाट। |
| 6644 | खवाइ | ना. | खाने भाव, क्रिया वा प्रक्रिया | |
| 6645 | खवास | ना. | शरीरको सेवा गर्ने नोकर; परिचर। |
| 6646 | खवासे | ना. | मालिकको शारीरिक टहलसुसार गर्ने नोकर; खवास। |
| 6647 | खवैया | वि. | १. खन्चुवा; धेरै खाने; थुप्रै खाने। |
| 6648 | खवैया | वि. | २. मिठो स्वादिलो खाना खाने। |
| 6649 | खश | ना. | १. रामायण, महाभारतकालदेखि प्रसिद्ध तथा सातौँआठौँ शताब्दीदेखि पश्चिमी नेपालको विस्तृत पहाडी प्रदेशमा शासन गर्दै आएको वीरता र सभ्यताका निम्ति प्रसिद्ध एक प्राचीन जाति; खसानको बासिन्दा; खश। |
| 6650 | खश | ना. | २. खसकुरा अर्थात् नेपाली भाषा बोल्ने बाहुन, क्षत्री, कामी, दमाईं आदिको सामूहिक नाम। |