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| 6701 | खसेउली | ना. | १. खसहरू बसेको ठाउँ। |
| 6702 | खसेउली | ना. | २. लुम्बिनी अञ्चलको रूपन्देही जिल्लामा पर्ने बुटवलको एक बजार; खस्यौली। |
| 6703 | खसेत्रो | ना. | १. खास्टो, मजेत्रो, बर्को आदि पातलो ओढ्ने। |
| 6704 | खसेत्रो | ना. | २. खस वा छेत्रीलाई हेला गरेर भनिने शब्द | |
| 6705 | खसोखास | वि. | १. जस्तो भएको हो त्यस्तै; जस्ताको तस्तो; यथार्थ; सत्य। |
| 6706 | खसोखास | वि. | २. साफसाफ; सफासफी; खसाखस। |
| 6707 | खस्कनु | अ.क्रि. | १. बसेको ठाउँबाट अरूलाई थाहा नदिई हिँड्नु, ठाउँ सर्नु; हट्नु। |
| 6708 | खस्कनु | अ.क्रि. | २. कमजोर हुनु, निस्तेज वा हतप्रभ हुनु। |
| 6709 | खस्कनु | अ.क्रि. | ३. उमेर ढल्कनु। |
| 6710 | खस्काइ | ना. | खस्किने काम वा प्रक्रिया। |
| 6711 | खस्काइनु | क.क्रि. | खस्कन लाइनु। |
| 6712 | खस्काउनु | स.क्रि. | १. खसाल्नु। |
| 6713 | खस्काउनु | स.क्रि. | प्रे. क्रि. २. खस्कन लाउनु। |
| 6714 | खस्किनु | अ.क्रि. | खस्कनु। |
| 6715 | खस्क्याहट | ना. | खस्कने काम वा अवस्था। |
| 6716 | खस्तीपर्ती | ना. | पहिले आबादी भएको तर पछि कुनै कारणले पर्ती रहेको जग्गा। |
| 6717 | खस्मिनी | ना. | कमाराकमारी वा नोकरनोकर्नीबाट मालिक्नीलाई सम्बोधन गरिने शब्द, स्वामिनी। |
| 6718 | खस्याकखुसुक | क्रि.वि. | १. जोसित कुरा गरिएको हो उसभन्दा बाहेक अरूले नसुन्ने गरी (कुरा गर्ने, कानेखुसी गर्ने, साउती मार्ने किसिम); खासखुस। |
| 6719 | खस्याकखुसुक | क्रि.वि. | ना. २. फोहरमैला। |
| 6720 | खस्याङखुसुङ/खस्याङमस्याङ | ना. | १. सानोतिनो मालसामान; खत्र्याकखुत्रुक; जेतेमेते। |
| 6721 | खस्याङखुसुङ/खस्याङमस्याङ | ना. | क्रि.वि. २. बिस्तारै; केही मात्र आवाज सुनिने तर स्पष्ट नबुझिने किसिमले। |
| 6722 | खस्रक्क | क्रि.वि. | सोचेचाहेजस्तो नभएर (मन खिन्न हुने किसिम)। |
| 6723 | खस्राङखुसुङ | क्रि.वि. | सुकेका पातपतिङ्गर आदि चलाउँदा वा कुल्नँदा आवाज आए झैँ। |
| 6724 | खस्रिनु | अ.क्रि. | कुनै कुरा खस्रो वा दर्फऱ्याउने किसिमको हुनु, छिप्पिन, परिपक्व हुनु। |
| 6725 | खस्रु | ना. | खरीका जस्ता खस्रा पात हुने र बोहरीका जस्ता फूल फुल्ने एक जातको रुख। |
| 6726 | खसे | ना. | १. गाईबस्तुलाई डाले घाँसका रूपमा पातहरू खुवाइने एक जातको रुख। |
| 6727 | खसे | ना. | वि. २. खस्रोपना भएको; रुखो। |
| 6728 | खस्रेतो | ना. | ठुलठुला खस्रा पात हुने र उन्युका जस्ता गेडा फल्ने बोटविशेष। |
| 6729 | खस्रे भ्याउतो | ना. | पाखामा हुने खस्रो खालको एक जातको भ्यागुतो। |
| 6730 | खस्रो | वि. | १. चिल्लो वा मिहिन नभएको; दरफऱ्याउने। |
| 6731 | खस्रो | वि. | २. कडा; साहो; मन नपर्दो। |
| 6732 | खस्रो | वि. | ३. पेटमा कपट नराख्ने; खसोखास कुरा गर्ने। |
| 6733 | खस्रो कुरो | ना. | जस्ताको तस्तो कुरो ; चिप्लो नघसिएको कुरो। |
| 6734 | खस्रो कुरो | ना. | (उदा.- रोटी चिल्ला मिठा कुरा खस्रा मिठा। उखान)। |
| 6735 | खस्रो मसिनु | ना. | १. कुनै कुरा मनमा केही नराखी गरिने भनाभन ; ठाकठुक; तलबितल। |
| 6736 | खस्रो मसिनु | ना. | वि. २. मोटो र मिहिन (चामल आदि)। |
| 6737 | खस्य्राइ | ना. | खसिने भाव, क्रिया वा प्रक्रिया। |
| 6738 | खस्य्राइनु | क.क्रि. | खस्य्राउने काम गरिनु। |
| 6739 | खस्याउनु | प्रे. क्रि. | खसिन लाउन। |
| 6740 | खस्य्राकखुस्रुक | क्रि.वि. | १. हलुका आवाज आउने गरी (खोस्मेरा, पतकर, कागज आदि चलाउने वा कुल्चने किसिम)। |
| 6741 | खस्याङखुसुङ | ना. | १. सानोतिनो काम; खत्र्याकखुत्रुक। |
| 6742 | खस्याङखुसुङ | ना. | क्रि.वि. २. हे. खस्याकखुसुक। |
| 6743 | खस्य्राङमस्य्राङ | क्रि.वि. | १. कागतपत्र वा सुकेका पातपतिङ्गर चलाउँदा शब्द आउने गरी। |
| 6744 | खस्य्राङमस्य्राङ | क्रि.वि. | २. खत्र्याकखुत्रुक। |
| 6745 | खस्य्राहट | ना. | खस्रिने काम वा अवस्था। |
| 6746 | खस्वस्तिक | ना. | शिरका ठिक माथि आकाशमा कल्पना गरिएको बिन्दु शीर्षबिन्दु। |
| 6747 | खहरिनु | अ.क्रि. | १. खडेरी आदिले बोटबिरुवाहरू सुक्तै जानु। |
| 6748 | खहरिनु | अ.क्रि. | २. बिफर, घाउखटिरा आदिमा खाटा बस्न थाल्नु। |
| 6749 | खहरिनु | अ.क्रि. | ३. घरगृहस्थी आदि बिग्रँदै जानु, घरघाट लाग्नु। |
| 6750 | खहरिनु | अ.क्रि. | ४. आगामा भुटेको वस्तु पाकेर केही डढ्न थाल्नु। |