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| 8901 | गरालो | ना. | २. घर, गोठ आदिमा टाँड छाप्नका निम्ति तेर्स्याइने लामो काठ। |
| 8902 | गरिनु | क.क्रि. | कुनै काम तामेल पारिनु। |
| 8903 | गरिप | वि. | १. धन-सम्पत्ति केही नभएको; निर्धन; निर्धो; दरिद्र; कङ्गाल; गरिप। |
| 8904 | गरिप | वि. | २. दीनहीन दुःखी। |
| 8905 | गरिपी | ना. | गरिब हुनाको भाव; दीनता; निर्धनता; गरिपी। |
| 8906 | गरिब | वि. | १. धन-सम्पत्ति केही नभएको; निर्धन; निर्धो; दरिद्र; कङ्गाल; गरिप। |
| 8907 | गरिब | वि. | २. दीनहीन दुःखी। |
| 8908 | गरिब गुरुवा | ना. | गरिबहरूको समुदाय, गरिब जनता। |
| 8909 | गरिब परवर | वि. | गरिबगुरुवाहरूको पालनपोषण गर्ने, दीनदयालु। |
| 8910 | गरिबमारा | वि. | गरिबहरूलाई सताउने; गरिबगुरुवाप्रति अन्याय गर्ने। |
| 8911 | गरिबी | ना. | गरिब हुनाको भाव; दीनता; निर्धनता; गरिपी। |
| 8912 | गरिमा | ना. | १. गह्रौँपना; गुरुता; गुरुत्व। |
| 8913 | गरिमा | ना. | २. महत्त्व, गौरव। |
| 8914 | गरिमा | ना. | ३. अष्टसिद्धिमध्ये शरीरको इच्छाअनुसार वजन बढाउन सकिने एक सिद्धि। |
| 8915 | गरियो | ना. | ढुङ्ग्रो जस्तै सोझो, मुख सानो भएको र बिर्को लाइने ठेकीको आकारको, विभिन्न प्रकारको तेल हाल्ने काठको भाँडो। |
| 8916 | गरिष्ठ | वि. | १. धेरै गाह्रोसित र ढिलो पच्ने, पचाउन कठिन; दुष्पाच्य (भोजन)। |
| 8917 | गरिष्ठ | वि. | २. धेरै गह्रौँ। |
| 8918 | गरिष्ठ | वि. | ३. महत्त्वपूर्ण। |
| 8919 | गरिष्ठ | वि. | ४. सबैभन्दा नजाती। |
| 8920 | गरी | ना. | १. नरिवलको भित्री भागमा रहेको नरम गुदी ; मसलाका रूपमा वा त्यसै खाइने त्यही गुदीका टुक्रा। |
| 8921 | गरीब | ना. | १. धन-सम्पत्ति केही नभएको; निर्धन; निर्धो; दरिद्र; कङ्गाल; गरिप। |
| 8922 | गरीब | ना. | २. दीनहीन दुःखी। |
| 8923 | गरुड | ना. | १. गिद्धका जातिको ठुलो पक्षीविशेष, कश्यपपत्नी विनताको पुत्र। |
| 8924 | गरुड | ना. | २. विष्णुको वाहन। |
| 8925 | गरुडध्वज | ना. | १. विष्णु। |
| 8926 | गरुडध्वज | ना. | २. प्राचीन कालमा बनेका स्तम्भमा रहेको गरुडको आकृति। |
| 8927 | गरुड पुराण | ना. | नरकको बयान तथा प्रेतकर्मको विधान आदि वर्णन भएको महापुराण; अठार पुराणमध्ये एक। |
| 8928 | गरुडसिंह | ना. | गरुडका ढाँचाको मुख र सिंहका ढाँचाको शरीर हुने कल्पना गरिएको एक प्राणी। |
| 8929 | गरो | ना. | पानी जमाएर धान रोप्न डिलमा आली लगाई बनाइने खेतका अलग-अलग भाग; फोगटो। |
| 8930 | गर्खा | ना. | जिल्लाअन्तर्गतका गाउँ वा मौजाहरूको समुदाय (दिव्य.); गाउँहरूको समष्टिगत एकाइ। |
| 8931 | गर्खिनु | अ.क्रि. | एकै ठाउँमा झुरुम्म हुनु; थुप्रिनु। |
| 8932 | गर्ख्याइ | ना. | गर्खिने क्रिया वा प्रक्रिया | |
| 8933 | गर्ख्याइनु | क.क्रि. | एकै ठाउँमा थुप्याइनु। |
| 8934 | गर्ल्याउनु | प्रे.क्रि. | एकै ठाउँमा भेला पार्नु, झुरुम्म पार्नु, एकै ठाउँमा थुप्याउनु। |
| 8935 | गर्व्याहट | ना. | गखिने काम वा अवस्था। |
| 8936 | गर्ग | ना. | १. अङ्गिरस भरद्वाजका वंशज र वैदिक मन्त्रद्रष्टा एक ऋषि। |
| 8937 | गर्ग | ना. | २. ज्योतिषशास्त्रका एक प्राचीन आचार्य; गर्गसंहिताका स्रष्टा। |
| 8938 | गर्ग | ना. | ३. गोत्रप्रवर्तक एक ऋषि। |
| 8939 | गर्ग गोत्र | ना. | गर्ग ऋषिको कुल वा वंशको परिचयात्मक नाम; बाँस्तोला, गजुरेल, भट्ट, रिसाल, लामिछाने आदि थर हुनेहरूको गोत्र। |
| 8940 | गर्गर | ना. | १. एक किसिमको पुरानो बाजा। |
| 8941 | गर्गर | ना. | २. एक प्रकारको माछा। |
| 8942 | गर्गर | ना. | ३. भुमरी; आवर्। |
| 8943 | गर्गर | ना. | ४. गाग्रो। |
| 8944 | गर्गरी | ना. | १. दही जमाउने ठेको; मदानी; मन्थनी। |
| 8945 | गर्गरी | ना. | २. गाग्री; घैटो; घल्चा। |
| 8946 | गर्यो | वि. | होचो हुनाका साथै खास गरी घाँटी छोटो भएको; पुड्को; ग्वाँचे। |
| 8947 | गर्जनु | अ.क्रि. | १. रिस, घमन्ड, धमास आदिले ठुलो स्वरमा कराउनु। |
| 8948 | गर्जनु | अ.क्रि. | २. हकारपकार गर्नु; गड्कनु, कुर्लनु। |
| 8949 | गर्जनु | अ.क्रि. | ३. गड्याङगुडुङ गर्नु; मेघ कराउनु। |
| 8950 | गर्जनु | अ.क्रि. | ४. बाघ कराउनु। |