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| 951 | कफल्ल/कफल्लो | वि. | १. बेस्वादको खल्लो | |
| 952 | कफल्ल/कफल्लो | वि. | २. बेकम्मा रद्दी। |
| 953 | कफल्ल/कफल्लो | वि. | ३. निर्धो, निर्बलियो। |
| 954 | कफी | ना. | १. चिउलीका जस्ता पात र खनिउँका जस्ता झुप्पा झुप्पा भएर सेतो रङको फल फल्ने एक बोट, त्यसको फल वा उक्त फल भुटी बनाइएको धुलो। |
| 955 | कफी | ना. | २. उक्त धुलो पानीमा मिलाएर चिया खाइने पेय पदार्। |
| 956 | कबई | ना. | बिहीँका झैँ तर पाकेपछि काला वा राता झन्डै लालगेडीका जत्रा फल फल्ने एक भार, कबै। |
| 957 | कबई माछा | ना. | भित्र काँढैकाँढा हुने सानो जातको माछा। |
| 958 | कबच/कबज | ना. | हालको राष्ट्रब्याङ्क उहिले मुलुकीखानाको अवस्थामा छँदा हाकिम आदिको हालसाबिकी हुँदा नगदी वा जिन्सी सम्पत्तिको बुझबुझारथपछि हालवालाले साबिकवालालाई दि भरपाई। |
| 959 | कबन्ध | ना. | १. टाउको नभएको शरीर, गिँड। |
| 960 | कबन्ध | ना. | २. दण्यकारण्यमा रामचन्द्रले मारेको राक्षस | |
| 961 | कबरी | ना. | चुल्ठो। |
| 962 | कबाफ | ना. | विशेष प्रकारको घिउतेल, मरमसला हाली कोलविना गुम्साएर पकाइएको मासु, पक्कु। |
| 963 | कबई चिनी | ना. | सजिवनका सुकेका कोसाको चपाएर पानी खाँदा गुलियोपन अनुभव हुने दिउल शीतलचिनी। |
| 964 | कबास | ना. | हे. कपास। |
| 965 | कबासे | ना. | १. प्रायः कबास मात्र हुने पाखो जमिन। |
| 966 | कबासे | ना. | वि. २. हे. कपासे। |
| 967 | कबिर | ना. | धार्मिक सम्प्रदायका प्रवर्तक एक भारतीय सन्त कवि, कबीरपन्थका संस्थापक। |
| 968 | कबरपन्य | ना. | कबीर प्रवर्तित एक धार्मिक सम्प्रदाय। |
| 969 | करपन्थी | वि. | कबीरपन्थको सदस्य वा अनुयायी। |
| 970 | कबिलदार / कबिलदारी | वि. | जहान छोराछोरी भएको, परिवारयुक्त; जहानियाँ | |
| 971 | कबिला | ना. | १. परिवार, जहान, जहान, छोराछोरी। |
| 972 | कबिला | ना. | २. सिङ्गै एक जाति एक परिवारका रूपमा रहेका (अरब, मध्यएसिया आदिमा प्राचीन कालदेखि माध्यमिक कालसम्म प्रशस्त देखा परिआएका परन्तु आधुनिक कालमा नवसभ्यताका प्रभाव गर्दा लुप्त प्रायः) असङ्ख्य मानव दलमध्ये कुनै एक (उदा.- बाबरको कबिला, तैमुरलङको कबिला, चड्गेज खाँको कबिला, अब्राहमको कबिला, इस्रायलको कबिला, मुसाको कबिला आदि)। |
| 973 | कबीर | ना. | हे. कबिर | |
| 974 | कबीरपन्य | ना. | हे. कबिरपन्। |
| 975 | कबीरपन्थी | वि. | हे. कबिरपन्थी | |
| 976 | कबुल्नु | स. क्रि. | कबुल गर्नु, प्रतीक्षा गर्नु, मन्जुर गर्नु, स्वीकार गर्नु मान्नु। |
| 977 | कबुलाइ | ना. | कबुल्ने क्रिया वा प्रक्रिया। |
| 978 | कबुल | ना. | १. कुनै कुरो दिने, मान्ने वा गर्ने वचन, वाचाबन्धन, बोलकबोल। |
| 979 | कबुल | ना. | २. स्वीकृति, स्वीकारोक्ति, वचनबद्धता। |
| 980 | कबुल | ना. | ३. प्रतिज्ञा, प्रण, अठोट सङ्कल्प। |
| 981 | कबुलनामा | ना. | बोलकबोल लेखिएको लिखत, मन्जुरीनामा; स्वीकृतिपत्र। |
| 982 | कबुलियत | ना. | आफूले कबुल गरेको कुरा लेखिएको कागत, प्रतिज्ञापत्र, मन्जुरनामा, भाकापत्र | |
| 983 | कबुलियतनामा | ना. | बोलकबोल लेखिएको लिख। |
| 984 | कबेली | ना. | काँक्राको झैँ लहरामा घण्टी आकारका ठुलाठुला पहेंला भालेपोथी फूल फुली पोथीचाहिँ फूलबाट आरम्भमा गट्टा वा कैंडा फली पछि बडेमा आकारको फल फल्ने एक प्रसिद्ध लहरो वा तर्कारी आदिका रूपमा प्रयुक्त हुने त्यसैको फल, फर्सी, कद्दु। |
| 985 | कबै | क्रि.वि. | कुनै पनि समयमा कहिले पनि (प्रायः निषेधवाक्यमा पुराना पद्यहरूमा प्रयुक्त, जस्तै- 'छोरो हो भनि प्रेम गर्नु सबले हेला नगर्नु कबै )। |
| 986 | कबोल | ना. | हे. कबुल। |
| 987 | कब्जा | ना. | १. कुनै व्यक्ति, वस्तु वा ठाउँउपर जमाइने अधिकार; वश; नियन्त्रण; आधिपत्य। |
| 988 | कब्जा | ना. | वि. २. कब्जा भएको वस्तु, ठाउँ वा व्यक्ति। |
| 989 | कब्जा | ना. | (उदा.- युद्धमा सैनिकहरूले आफ्ना सामानसँग मिसाई कब्जा सामानहरूलाई अलग्ग राखे। )। |
| 990 | कब्जा, | ना. | झ्याल, ढोकाका खापालाई चौकोसमा जड़ने अथवा सन्दुस आदिका घोप्टेलाई मूल भागसित जड्ने काममा प्रयुक्त हुने, कापे, रिल वा चेपुवा झैं दोबार्न र फट्टाउन मिल्ने हुँदा उघार्न र लगाउन सजिलो पर्ने धातुको एक प्रकारको सामान। |
| 991 | कब्जियत | ना. | विभिन्न कारणले समयमा दिसा नहुने, भए तापनि खलास नहुने अथवा बड्कौंला वा गोटाका आकारको दिसा हुने रोग, कोष्ठबद्धता। |
| 992 | कब्र | ना. | मुर्दा गाड्ने वा गाडिएको ठाउँ (प्रायः मुसलमान समाजमा बोलिने ); चिहान। |
| 993 | कब्रस्तान | ना. | कब्र ; चिहाने चौर ( बगैंचा, थलो इ.)। |
| 994 | कम | वि. | १. कुनै खास मात्रा, सङ्ख्या, गुण, परिमाण आदिभन्दा थोरै, घटी, कम्ती २ अपर्याप्त वा नगण्यमात्रा, सङ्ख्या आदिको थोरै अलिकति, न्यून | |
| 995 | कमजोर | वि. | बल नभएको, निर्बलियो, दुर्बल, निम्छरो निम्सरो। |
| 996 | कमजोरी | ना. | कमजोर अवस्था, स्थिति, स्वभाव आदि, दुर्बलता, नातागती। |
| 997 | कमण्डलु | ना. | साधुसन्न्यासीले कतै यात्रा गर्दा हातमा झुन्ड्याएर हिँड्न मिल्ने, टुटी भएको अथवा नभएको उभिन्डोवाल धातु, नरिवल आदिको जलपात्र। |
| 998 | कमनीय | वि. | १. अति राम्रो, रमणीय, रहरलाग्दो, मनोहर, सुन्दर। |
| 999 | कमनीय | वि. | २. कामना गर्न योग्य, इच्छा गर्न लायक, काम्य। |
| 1000 | कमनीयता | ना. | कमनीय अवस्था, बानी, गुण वा रूप। |