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| 1501 | कर्मप्रधान | वि. | व्याकरणअनुसार क्रियाद्वारा कर्मवत् भई क्रियाको लिङ्ग, वचन पनि कर्मकै अनुसार रहने ( प्रक्रिया, वाक्य इ.)। |
| 1502 | कर्मफल | ना. | सनातन धर्म वा धारणाअनुसार पूर्वजन्ममा गरिएको मानिने कर्महरूको फल वा जन्मजन्मान्तरको संस्कारबाट वर्तमान जुनीसम्म आएको शुभ वा अशुभ भोगभाग्य वा प्रारब्धको परिणाम | |
| 1503 | कर्मभूमि | ना. | धार्मिक मान्यताअनुसार यज्ञ, तप, अनुष्ठान आदि धार्मिक कर्म गर्नाका निम्तिको उचित भूमि; आर्यावर्। |
| 1504 | कर्मभूमि | ना. | ( पुराणहरूले भारतवर्षलाई कर्मभूमि भनेका छन् )। |
| 1505 | कर्मभूमि | ना. | २. काम गर्ने स्थान; कर्मक्षेत्र। |
| 1506 | कर्मभूमि | ना. | ३. संसार। |
| 1507 | कर्मभोग | ना. | जन्मजन्मान्तरको शुभाशुभ कर्मको भोग कर्मफलअनुसार पाइने सुखदुःख। |
| 1508 | कर्ममार्ग | ना. | १. वैदिक कर्मकाण्डका माध्यमबाट ईश्वरका सान्निध्यसम्म पुग्ने बाटो, यज्ञ, पूजा आदि धार्मिक अनुष्ठान। |
| 1509 | कर्ममार्ग | ना. | (ज्ञानमार्गभन्दा कर्ममार्गबाट सजिलै ईश्वरछेउ पुग्न सकिन्छ भनिन्छ।) २. भौतिक शरीरलाई धर्मको साधन सम्झेर रातदिन धार्मिक अनुष्ठान गरी परलोक सुधार्ने पद्धति कर्मयोग। |
| 1510 | कर्मयोग | ना. | १. चित्तशुद्धि गर्ने शास्त्रविहित कर्म। |
| 1511 | कर्मयोग | ना. | २. सफलता र विफलताको वास्ता नराखी समान भावले गरिने शुभ कार्य कुलपरम्परा र शास्त्रीय विधिविधानअनुसार कर्तव्य सम्झी गरिने आचरण। |
| 1512 | कर्मयोग | ना. | (गीतामा ज्ञानयोग, कर्मयोग र भक्तियोगको राम्रो वर्णन छ।)। |
| 1513 | कर्मयोगी | वि. | १. कर्मयोगमा विश्वास राख्ने, परिणामनिरपेक्ष भएर कर्तव्यमा सरिक हुने। |
| 1514 | कर्मयोगी | वि. | २. निष्ठापूर्वक काममा लाग्ने। |
| 1515 | कर्मरेखा | ना. | पूर्वजन्मको शुभअशुभ कर्मअनुसार बनेको वा भाग्यसूचक मानिने शरीरका अङ्ग (हात, पैताला आदि) मा कोरिएका रेखा वा धर्का; हस्तरेखा। |
| 1516 | कर्मवाच्य | ना. | १. व्याकरणअनुसार तीन वाच्य कर्तृ, कर्म र भावमध्ये एक वाक्यको बनोटमा क्रियाद्वारा प्रत्यक्षतः कर्म सम्बन्धित हुने पदयोजना। |
| 1517 | कर्मवाच्य | ना. | २. कर्म मुख्य भई कर्मअनुसार क्रियापद हने समासविशेष। |
| 1518 | कर्मवाद | ना. | दर्शनशास्त्रअनुसार शुभ वा अशुभ कर्मको फल अवश्य भोग्नुपर्छ भन्ने सिद्धान्त, कर्ममा विश्वास गर्ने वाद। |
| 1519 | कर्मवादी | कर्मवादमा विश्वास राख्ने, कर्मवादको अनुयायी। | |
| 1520 | कर्मविपाक | ना. | १. पूर्वजन्ममा गरिएका शुभ र अशुभ कर्मअनुसार भएको मानिने असल वा खराब फल। |
| 1521 | कर्मविपाक | ना. | २. जन्म जन्मान्तरका संस्कारको भोगाइ। |
| 1522 | कर्मवीर | वि. | १. साहसिलो वा उल्लेखनीय काम गर्नाले वीर कहलाएको; काममा साह्रै खट्ने। |
| 1523 | कर्मवीर | वि. | २. कुनै विघ्नवाधाको परवाह नगरी कर्तव्यपालनमा अटल रहने। |
| 1524 | कर्मवीर | वि. | ३. परोपकारको भावनाले निःस्वार्थ काम गर्ने। |
| 1525 | कर्महीन | वि. | १. लोकव्यवहार र परम्पराअनुसार गर्नुपर्ने नित्यनैमित्तिक कर्मबाट च्युत भएको। |
| 1526 | कर्महीन | वि. | २. काम नगर्ने, अकर्मण्य। |
| 1527 | कर्महीन | वि. | ३. भाग्य नभएको, अभागी। |
| 1528 | कर्महीनता | ना. | कर्तव्य तथा कर्मबाट पछि हट्ने बानी। |
| 1529 | कर्मा | ना. | १. बाटुलो आकारको पात र पहेँलो काठ हुने एक वृक्ष, करम। |
| 1530 | कर्मा | ना. | २. कर्माचार्यको छोटो रूप। |
| 1531 | कर्माश्रित कामकला | ना. | कामशास्त्रमा उल्लिखित चारप्रकारका कामकलामध्ये नृत्य, सङ्गीत, वाद्य आदिमा आश्रित कामकला। |
| 1532 | कर्मिष्ठ | वि. | हिन्दूशास्त्रका अनुसार कर्मकाण्डी, वैदिक- तान्त्रिक अनुष्ठानमा लागिपर्ने। |
| 1533 | कर्मिष्ठ | वि. | २. काममा लगन भएको, कर्मठ। |
| 1534 | कर्मिष्ठ | वि. | कर्मी - वि. [सं.] १. काठ, इँट, ढुङ्गा आदि वस्तुद्वारा कुनै चिजको निर्माण गर्ने। |
| 1535 | कर्मिष्ठ | वि. | २. दत्तचित्त भएर काममा खट्ने कर्मठ। |
| 1536 | कर्मिष्ठ | वि. | ना. ३. काठ, ढुङ्गा, वज्र आदिको काम गर्ने व्यक्ति, कालिगड। |
| 1537 | कर्मु | ना. | गुरुङजातिमा महिलाले फिला छोप्ने गरी लर्काएर कम्मरमा बाँध्ने कपडा, ताम्लो | |
| 1538 | कर्मेन्द्रिय | ना. | बाह्य क्षेत्रमा काम गर्ने मुख्य इन्द्रिय, मुख, हात, गोडा, गुदद्वार र उपस्थ- यी पाँच इन्द्रिय। |
| 1539 | कऱ्याँसो | ना. | हे. करेंसो। |
| 1540 | कऱ्याककुरुक | ना. | १. कुनै दह्रो, झुरिएको वा सुकेको काठ आदि भाँचिदा आउने वा सुनिने आवाज; मऱ्याकमुरुक। |
| 1541 | कऱ्याककुरुक | ना. | २. यताउति फैलिएको कुरो वस्तुलाई एकै ठाउँमा समेटी पोको पार्दा निस्कने शब्द। |
| 1542 | कऱ्याककुरुक | ना. | क्रि.वि. ३. सुकेको वा झुरिएको काठ आदि भाँचिंदा आवाज सुनिने किसिमले। |
| 1543 | कऱ्याक्क | क्रि.वि. | दह्रो काठ आदि एकैचोटि भाँच्दा वा भाँचिंदा आवाज सुनिने गरी करक्क; मऱ्याक्क। |
| 1544 | कऱ्याङकुरुङ | ना. | हाँसको जस्तो टाउको र ठुँडो भई बाँकी शरीर कुखुराको जस्तो हुने, घाँटी सेतो र अरू भाग कालो हुने तथा जलाशयमा रहने एक जातको चरो; क्रौञ्च पक्षी। |
| 1545 | कऱ्याप्प | क्रि.वि. | १. दह्रो काठ आदि भाँचिदा आवाज आउने किसिमले, कऱ्याक्क। |
| 1546 | कऱ्याप्प | क्रि.वि. | २. उम्कन नपाउने गरी समाउने ढङ्गमा, चाल नपाउने गरी एक्कासि पक्रने किसिमसँग, च्याप्प। |
| 1547 | कऱ्यामकुरुम | ना. | १. झुरिएको वस्तु समाउँदा वा चपाउँदा भाँचिएर आउने आवाज। |
| 1548 | कऱ्यामकुरुम | ना. | क्रि.वि. २. झुरिएको खाद्य वस्तु चपाउँदा आवाज निस्कने गरी कुनै खाद्य पदार्थ चपाएर खाइसक्ने चालमा। |
| 1549 | कऱ्याम्म | क्रि.वि. | १. दह्रो वस्तु भाँचिने वा भाँचिदा आवाज आउने चालमा कऱ्याक्क। |
| 1550 | कऱ्याम्म | क्रि.वि. | २. साह्रो वस्तु चपाउने ढङ्गले; मऱ्याक्क। |